मंगलवार 27 जनवरी की सुबह जब वे राजस्थान के दौसा जिले से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार ने आगे जा रहे एक ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी।
महाकाल दर्शन कर दिल्ली जा रहे चार दोस्तों की मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि उनकी कार चार किलोमीटर दूर तक ट्रक के साथ घिसाती चले गई। जिसने भी यह हादसा देखा वो सिहर गया। 7 जनवरी 2026 को भी ऐसा ही हादसा हुआ था जब तेलंगाना से दर्शन करने आए लोगों का वाहन खड़े ट्राले से टकरा गया था। इस घटना में तीन दोस्तों की मौत हो गई थी। खास बात यह है कि ज्यादातर दुर्घटनाएं आधी रात के वक्त हो रही हैं। इसलिए आप भी रात्रि में यात्रा कर रहे हैं तो सतर्क रहें।
हरियाणा नंबर की एक कार में दिल्ली से पांच तीर्थ यात्री उज्जैन आए थे। उन्होंने सोमवार को बाबा महाकाल के दर्शन किए। वे शाम को उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे की तरफ रवाना हो गए। मंगलवार 27 जनवरी की सुबह जब वे राजस्थान के दौसा जिले से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार ने आगे जा रहे एक ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस समय हुआ जब इस कार ने जैसे ही ट्रक के पीछे से टक्कर मारी तो उनकी कार ट्रक के नीचे फंस गई। यह कार चार किलोमीटर दूर तक ट्रक के साथ घिसाती चले गई।
पुलिस के मुताबिक कार में राहुल गुप्ता (35), पारस अग्रवाल (35), प्रिंस गुप्ता (23) और विक्रम सिंह (30) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पिछली सीट पर बैठे ब्रजमोहन गुप्ता को मामूली चौटें आई और उसे दौसा जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस ने सभी शवों का पोस्ट मार्टम करवाकर शव को मर्चुरी में रखवा दिया है।
इससे पहले 7 जनवरी 2026 को तेलंगाना के 14 लोग एक वाहन में भरकर उज्जैन दर्शन करने आ रहे थे। जब उनका वाहन देवास रोड पर चंदेसरा के पास पहुंचा तो रात 3 बजे उनका वाहन एक खड़े ट्रक में घुस गया। इस घटना में ड्राइवर समेत दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि तीसरे व्यक्ति ने इंदौर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। ट्राला बगैर लाइट जलाए सड़क किनारे खड़ा था।
पिछले साल 1 जनवरी को भी महाकाल दर्शन करने जा रहे दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि तीन गंभीर हो गए थे। यह सभी धार जिले के राजगढ़ के रहने वाले थे और सभी नव वर्ष के मौके पर महाकाल दर्शन करने उज्जैन जा रहे थे। इनका वाहन देर रात 2.30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसा उज्जैन जिले के रूनीजा रोड पर फोरलेन ब्रिज पर हुआ था। इनका वाहन भी खड़े कंटेनर में घुस गई थी।
एक्सपर्ट का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को रात्रि में वाहन नहीं चलाना चाहिए। ज्यादातर लोग रात्रि में वाहन चलाना इसलिए पसंद करते हैं कि रात में सड़कें खाली रहती है। लेकिन, यही कारण है कि रात में रास्ता और सड़क किनारे खड़े ट्रक का अनुमान नहीं लग पाता है और दुर्घटना हो जाती है।