
उज्जैन। राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. महाकाल की पूजा और दर्शन Mahakal Darshan के लिए आनेवाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंध समिति लगातार निर्णय लेते रहती है. हाल ही में मंदिर में महाकाल की भस्म आरती में आम श्रद्धालुओं को भी शामिल होने की छूट दी गई है. हालांकि अब मंदिर में सुरक्षा पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.
महाकाल की भस्म आरती विख्यात है. मंदिर में सबसे पहले भस्म आरती ही होती है और इसके बाद ही भक्तों को महाकाल दर्शन करने दिए जाते हैं. कोरोना काल में श्रद्धालुओं पर कई प्रतिबंध लगा दिए गए थे जिसके अंतर्गत भस्म आरती के लिए आम भक्तों का प्रवेश बंद कर दिया गया था. गर्भगृह में केवल मंदिर के पुजारी ही जा पा रहे थे.
अब भस्म आरती में आम भक्तों के प्रवेश की भी अनुमति दे दी गई है. 11 सिंतबर से यह सुविधा प्रारंभ की जा चुकी है. हालांकि भस्म आरती में गिने—चुने भक्तों को ही प्रवेश दिया जा रहा है और इसके लिए बुकिंग Mahakal Darshan Booking भी जरूरी है. अब मंदिर आनेवाले महाकाल के भक्तों के लिए नया निर्णय लिया गया है. भक्तों को अब दर्शन के पहले सुरक्षा का टीका लगेगा।
मंदिर आने वालों का कोविड-19 का वैक्सीनेशन किया जाएगा। प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया श्रद्धालुओं की सुरक्षा व कोविड के नियमों का पालन करते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं हेतु शंख द्वार के पास फेसिलिटी सेंटर में वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन यह व्यवस्था Mahakal Darshan System मंदिर प्रबंध समिति द्वारा ही की जाएगी.
मंदिर में दर्शन या पूजन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जांचा जाएगा। जिनको प्रथम या द्वितीय डोज नहीं लगा है तो ऐसे श्रद्धालुओं का वैक्सीनेशन किया जाकर ही दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। उज्जैन में कोरोना संक्रमण फिर बढ़ने लगा है. इसको देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है. यहां रोज बड़ी संख्या में महाकाल के भक्त आते हैं इसलिए सख्ती जरूरी है.