महाकाल मंदिर है या नोट छापने की टकसाल

अभा मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने प्रशासक को दिया ज्ञापन

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Oct 19, 2015
patrika
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उज्जैन. महाकाल मंदिर धर्मस्थल की बजाए नोट छापने की टकसाल बनकर रह गया है। दर्शनार्थियों को हर सुविधा नि:शुल्क या न्यूनतम शुल्क में उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन महाकाल मंदिर प्रशासन ने प्रसाद, दर्शन, धर्मशाला से लेकर सभी चीजें महंगी कर दी हैं। यह बात अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा की ओर से महाकाल मंदिर प्रशासक आरपी तिवारी को ज्ञापन सौंपकर कही गई।
मोर्चा के किशोरसिंह कुशवाह ने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई कि आए दिन गर्भगृह में प्रवेश बंद नहीं रखा जाए, बल्कि दर्शनार्थियों को गर्भगृह में अंदर से दर्शन कराए जाएं। धर्मशाला का किराया कम हो। हॉल नि:शुल्क हो, बिस्तरों का किराया 10 रुपए रखा जाए। डबल बेडरूम का किराया 200 रुपए और एसी के साथ 450 रुपए लिया जाए।

लाखों की आय, सुविधा कुछ नहीं
महाकाल मंदिर में लाखों की आय होती है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं है। पिछले दिनों लड्डू प्रसाद के दाम में 20 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई।
Published on:
19 Oct 2015 10:06 pm