धनवानी हॉल में संपन्न हुई सकल सिंधी समाज की बैठक, महापर्वों के लिए समितियों का हुआ गठन
Mahashivratri & Cheti Chand 2026
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में आगामी महाशिवरात्रि पर्व और सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के प्रकट उत्सव 'चेटीचंड' को लेकर समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इन दोनों महापर्वों को भव्यता देने के लिए सकल सिंधी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक धनवानी हॉल में आयोजित की गई। अध्यक्ष प्रताप रोहरा एवं संयोजक महेश परियानी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में समाज के गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की और सर्वसम्मति से विभिन्न समितियों का गठन किया।
महाशिवरात्रि पर रिकॉर्ड वितरण और सेवा का संकल्प
बैठक का संचालन करते हुए गोपाल बलवानी ने समाज की सेवा गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महामृत्युंजय द्वार पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। महेश परियानी के कुशल नेतृत्व में समाज द्वारा 31 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया जाएगा। बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले लाखों भक्तों के लिए सिंधी समाज द्वारा की जाने वाली यह सेवा शहर में आकर्षण का केंद्र रहती है। इस आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि वितरण कार्य सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
चेटीचंड महापर्व के लिए बनी विशेष उत्सव समिति
मीडिया प्रभारी दीपक राजवानी ने जानकारी दी कि इष्ट देव भगवान झूलेलाल के प्रकट उत्सव 'चेटीचंड' को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में मुख्य संयोजक महेश परियानी के साथ गोपाल बलवानी, रमेश गजरानी, अजय रोहरा और दीपक बेलानी को सह-संयोजक मनोनीत किया गया है। समाज जनों ने तय किया है कि इस वर्ष चेटीचंड के उपलक्ष्य में निकलने वाली रैली न केवल भव्य होगी, बल्कि इसमें सिंधी संस्कृति और गौरव की झलक भी दिखाई देगी। बैठक में समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया।
ऐतिहासिक रैली के लिए युवा टीम को कमान
चेटीचंड पर निकलने वाले भव्य चल समारोह को सफल बनाने के लिए धर्मेंद्र खूबचंदानी और किशोर मुलानी सहित 11 अनुभवी और युवा संयोजकों की टीम बनाई गई है। यह टीम रैली के मार्ग, झांकियों और सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंधन देखेगी। बैठक में महेश गंगवानी, रमेश सामदानी सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं मातृशक्ति उपस्थित थी, जिसमें पुष्पा कोटवानी और डॉ. मीना वाधवानी जैसे प्रबुद्ध जनों ने भी सुझाव दिए। समाज के इस एकजुट प्रयास का उद्देश्य उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।