Mangalnath Mandir Ujjain Mangalnath Temple Ujjain Bhat Puja Rate Mangalnath Temple Ujjain मंगलदोष से पीड़ित लोग उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा कराते हैं। मान्यता है कि इस पूजन से मंगलदेव प्रसन्न होते हैं और मांगलिक या मंगली लोगों की कुंडली में मंगल से होने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
Mangalnath Mandir Ujjain Mangalnath Temple Ujjain Bhat Puja Rate Mangalnath Temple Ujjain - कुंडली में मंगल की स्थिति खराब हो तो विवाह में विलंब होता है, दांपत्य जीवन में कलह बनी रहती है, पति—पत्नी में मारपीट होती है और संबंध विच्छेद जैसी स्थिति बन जाती है। मंगलदोष से पीड़ित लोग उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा कराते हैं। मान्यता है कि इस पूजन से मंगलदेव प्रसन्न होते हैं और मांगलिक या मंगली लोगों की कुंडली में मंगल से होने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं। ऐसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा के लिए आनेवाले भक्तों के लिए कई सुविधाएं जुटाई जा रहीं हैं।
उज्जैन को मंगल देव का जन्मस्थान माना जाता है। यही कारण है कि मंगलनाथ मंदिर में मंगलदेव की पूजा के लिए दुनियाभर से भक्त यहां आते हैं। मांगलिक या मंगली लोगों के उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अब करोडों के काम कराए जा रहे हैं।
मंगलनाथ मंदिर में अब पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा भक्त रुक सकेंगे। मंदिर में बड़ा वेटिंग हॉल बनाया जा रहा है।यहां भक्तों के लिए एक और बड़ी सुविधा दी जाएगी। मंदिर परिसर में वाहन रखने के लिए बड़ी पार्किंग बनाई जा रही है।
मंगलनाथ मंदिर में उज्जैन विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में ये दोनों काम कराए जाएंगे। बताया जा रहा है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने मंगलनाथ मंदिर में वेटिंग हॉल और पार्किंग के लिए 20 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार सोनी के अनुसार मंगलनाथ मंदिर में विशाल पार्किंग और फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। कुछ अन्य निर्माण कार्य भी होना है। इन निर्माण कार्यों पर कुल 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंगलनाथ मंदिर में ये काम सिंहस्थ मद से किए जाएंगे।
उज्जैन में महाकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर में महाकाल लोक के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद जहां दूसरे चरण के काम तेजी से चल रहे हैं वहीं अन्य बड़े मंदिरों के लिए बनी योजनाएं अधूरी ही पड़ी हैं। मंगलनाथ मंदिर कालभैरव मंदिर, सिद्धवट, गढ़ कालिका मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है पर यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
सिंहस्थ को देखते हुए अब इन मंदिरों की भी सुध ली जा रही है। इसी के अंतर्गत मंगलनाथ मंदिर में विशाल पार्किंग, वेटिंग हाल, फसाड लाइटिंग आदि सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसके लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 20 करोड़ रुपए की योजना बनाई है।
मंगलनाथ मंदिर में पिछले साल बड़ी संख्या में भक्त आए। इन भक्तों द्वारा अभिषेक पूजन, दान और दुकानों की नीलामी आदि से 9 करोड़ 89 लाख रुपए की आय हुई। 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक की अवधि में यह आय प्राप्त हुई।
बता दें कि मंगलनाथ मंदिर में मुख्य रूप से भातपूजा, कालसर्प दोष, अर्क विवाह, श्रापित दोष, गुरु चांडाल दोष, कुंभ विवाह आदि पूजा कराई जाती है।