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बड़ी खबर: मंगलनाथ मंदिर में भातपूजा पर रोक, मंगलदोष दूर करने के लिए होती है ये विशेष पूजा

प्रशासन ने लगाई रोक

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प्रशासन ने लगाई रोक

उज्जैन। शहर के विश्वविख्यात मंगलनाथ मंदिर में भातपूजा पर रोक लगाई गई है। यहां दो दिन तक भातपूजा नहीं होगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार वैशाख कृष्ण चतुर्दशी यानि 29 अप्रैल तथा शनिश्चरी अमावस्या पर 30 अप्रैल को भातपूजा बंद करने का निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि पंचकोसी यात्रा के चलते यह निर्णय लिया गया है। इन दो दिनों में पंचकोसी यात्री भगवान मंगलनाथ के दर्शन तथा जलाभिषेक कर सकेंगे। इन यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन पेयजल, शामियाने आदि का इंतजाम करने में लगा है। मंगलनाथ मंदिर के पुजारी—पुरोहित व महंत द्वारा यात्रियों को पूरी—सब्जी— लोंजी का वितरण भी किया जाएगा।

मंगलनाथ मंदिर में 29 और 30 अप्रैल को नहीं होगी भातपूजा, पंचकोसी यात्रा के कारण निर्णय लिया-मंगलनाथ मंदिर में मंगलदोष दूर करने के लिए विशेष पूजा की जाती है जिसे भातपूजा कहा जाता है। देशभर से भक्त भातपूजा करने इस मंदिर में आते हैं लेकिन 29 व 30 अप्रैल को भातपूजा नहीं होगी। पंचकोसी यात्रा के कारण यह निर्णय लिया गया है। मंदिर प्रशासक ने बताया कि मंगलनाथ मंदिर पंचकोसी यात्रा का पड़ाव स्थल है।

यात्रा के बाद एक मई से भातपूजा का क्रम पुन: शुरू होगा- अष्टतीर्थ यात्रा करने वाले यात्री मंगलनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। पहले व दूसरे जत्थे में शामिल यात्री अमावस्या से एक दिन पहले ही मंदिर पहुंच जाते हैं। इसलिए 29 अप्रैल को वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तथा 30 अप्रैल को शनिश्चरी अमावस्या पर भातपूजा बंद करने का निर्णय लिया गया है। पंचकोसी यात्रा के बाद एक मई से भातपूजा का क्रम पुन: शुरू होगा।

श्रद्धालुओं को भगवान मंगलनाथ के दर्शन गर्भगृह से कराए जाएंगे- इन दोनों दिन मंदिर में आनेवाले श्रद्धालुओं को भगवान मंगलनाथ के दर्शन गर्भगृह से कराए जाएंगे। यात्री भगवान का जलाभिषेक भी कर सकेंगे। पड़ाव स्थल पर पंचकोसी यात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल सहित अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर में पंचकोसी यात्रियों को महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।