- इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बन कता है मेट्रो ट्रेन का डिपो पत्रिका स्पॉटलाइट
अतुल पोरवाल
उज्जैन.
सिंहस्थ से पहले उज्जैन को इंदौर से जोडऩे के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। इसमें आरआरटीएस के माध्यम से उज्जैन को इंदौर से जोड़ा जाएगा। बता दें कि आरआरटीएस की स्पीड मेट्रो से थोड़ी ज्यादा होती है। इससे देश भर से उज्जैन सिंहस्थ में आने वाली भीड़ को इंदौर से उज्जैन व उज्जैन से इंदौर पहुंचने में सुविधा हो जाएगी। इसी महीने की ७-८ तारीख को पिछले दिनों डीएमआरसी (देहली मेट्रो रेल कारपोरेशन) की टीम ने सर्वे कर उज्जैन में डिपो के लिए शासकीय इंजीनिरिंग कॉलेज के पास खाली पड़ी सरकारी जमीन को बेहतर बताया है। हालांकि अभी उज्जैन-इंदौर के बीच रेलवे ट्रेफिक, आरआरटीएस में ट्रेफिक डायवर्शन, कहां और कितने स्टेशन, कनेक्टिविटी जैसे मसलों का फिजिबलिटी सर्वे चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि उज्जैन-इंदौर आरआरटीएस की लागत कितनी होगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ से पहले उज्जैन-इंदौर के बीच मेट्रो दौड़ाने की घोषणा भी कर दी है। बता दें कि कुछ महीने पहले तक उज्जैन-इंदौर के बीच का रास्ता तेज गति से पार करने में बीआरटीएस व आरआरटीएस के बीच पेंच फंसा था। करीब ५० किमी के इस रास्ते को द्रुत गति से पार करने के लिए आरआरटीएस ही सबसे उचित व बेहतर उपाय बताकर इसका इसका प्रपोजल व डिक्लियरेशन हो चुका है। एमपी मेट्रो ने डीएमआरसी (देहली मेट्रो रेल कारपोरेशन) को पूरे एरिया का सर्वे और ट्रेफिक का सर्वे सौंप दिया है। मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी रिपोर्ट के बाद ही मिलेगी। इस वजह से अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि काम कब से शुरू होगा और इसकी लागत कितनी होगी।
अभी फिजिबलिटी सर्वे चल रहा है। कहां कितनी दूरी तक नीचे से जाना, उपर से जाना, अंडर ग्राउंड जैसे रास्ते के चलते अभी लागत बता पाना मुश्किल है। डीएमआरसी की सर्वे रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। रिपोर्ट के बाद प्रोसेस होती है, डीपीआर बनती है, सेंक्शन होने के बाद राज्य और केंद्र सरकार की फंडिंग के बाद काम शुरू होगा। यह तो तय है कि उज्जैन-इंदौर के बीच आरआरटीएम बनना है, लेकिन काम कब शुरू होगा अभी कुछ कह नहीं सकते हैं।
- शोभित टंडन
एडिशनल डायरेक्टर, एमपी मेट्रो
खास-खास
- 24 हेक्टेयर पर बनेगा डिपो।
- रिपोर्ट आने पर बनेगी डीपीआर और इसके बाद ही शुरू होगा काम।
- आरआरटीएस की स्पीड मेट्रो से थोड़ी ज्यादा रहती है।
- दो शहरों को कनेक्ट करने के लिए आरआरटीएस बेहतर उपाय।
- आरआरटीएस में चार या पांच डब्बे होते हैं।
- देहली मेट्रो रेपिड कारपोरेशन के एमडी एसडी शर्मा के नेतृत्व में चल रहा है सर्वे।
- एमपी मेट्रो के एमडी निकुंज श्रीवास्तव कर रहे हैं सर्वे रिपोर्ट का इंतजार।