MP News: उद्योग के बाद अब मप्र सरकार वेलनेस टूरिज्म पर फोकस कर रही है। पहली स्प्रिचुअल एंड वेलनेस समिट में 2 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले।
MP News: उद्योग और आइटी के बाद अब मोहन सरकार ने प्रदेश में मेडिकल व वेलनेस टूरिज्म को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। गुरुवार को पहली बार उज्जैन में स्प्रिचुअल एंड वेलनेस समिट (Spiritual and Wellness Summit) आयोजित की। समिट में हेल्थ फैसिलिटी और वेलनेस इंडस्ट्री के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआइ) प्राप्त हुए हैं। इनमें भंडारी ग्रुप का 984 करोड़, भदौरिया ग्रुप का 400 करोड़ सहित स्वामी चिदानंद सरस्वती के दो प्रस्ताव प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समिट में ऋषिकेश परमार्थ निकेतन प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती विशेष रूप से उपस्थित रहे। सीएम ने कहा, मप्र सबसे अधिक संभावना वाला प्रदेश है। इंडस्ट्री समिट के माध्यम से 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। परमात्मा का विशेष आशीर्वाद है कि हमारा प्रदेश मध्य में स्थित है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर है। वेलनेस सेंटर के लिए भी यहां काफी संभावना है। वेलनेस का मतलब बीमार को अच्छा करना नहीं बल्कि बीमार न होने देना है। इस क्षेत्र से जुड़े 300 प्रतिष्ठित घराने समिट में शामिल हुए हैं। कुछ ने 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक के एलओआई प्रस्तुत किए हैं। दो दिन में और भी इन्वेस्टमेंट प्राप्त होंगे।
भंडारी ग्रुप ने 984 करोड़ रुपए के निवेश का एलओआइ दिया है। डॉ. विनोद भंडारी ने बताया, ऐसा केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिसमें एलोपेथी, आयुर्वेद, वेलनेस सहित सभी उपचार पद्धति की सुविधा मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनियों के नार्म्स का ध्यान रखा जाएगा, जिससे विदेश से मरीज यहां उपचार करवाने आएं। मुख्यमंत्री ने इसे अंतराष्ट्रीय चिकित्सा केंद्र बताया। भंडारी के अलावा अमलतास ग्रुप के सुरेश भदौरिया ने करीब 400 करोड़ रुपए का एलओआइ दिया है। लीजर होटल्स के मुकुछ प्रसाद, शतायु आयुर्वेद योग रिट्रीट के मृत्युंजय स्वामी ने भी निवेश के प्रस्ताव दिए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मप्र की विशेषताएं बताते हुए निवेश के लाभ बताए। उन्होंने कहा, मप्र में निवेश का यही समय, सही समय है। मप्र देश का दिल है यहां वो सबकुछ है, जो दिल चाहे। यहां रीलिजियस टूरिज्म, हैरिटेज टूरिज्म भी है। देश में 62 यूनेस्को हेरिटेज साइट्स में से 18 साइट्स मप्र में है। कार्यक्त्रस्म में प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला व राघवेंद्र सिंह ने भी मप्र की विशेषताएं बताई।