
MP biggest Ujjain Vikramotsav will run for 5 months
Ujjain- मध्यप्रदेश में एक महोत्सव प्रारंभ हो रहा है जो पूरे 5 माह तक चलेगा। प्रदेश के उज्जैन में विक्रमोत्सव 12 फरवरी से प्रारंभ होगा हालांकि इसका औपचारिक शुभारंभ 3 दिन बाद महाशिवरात्रि पर्व पर होगा। प्रदेश के संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम, महादेव की आराधना करेंगे। इस बार विक्रम महोत्सव 12 फरवरी से 30 जून तक चलेगा। इस प्रकार कुल 139 दिवसीय आयोजन होगा। उज्जैन का विक्रम महोत्सव देश- दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव साबित होगा।
विक्रम महोत्सव के अंतर्गत 12 फरवरी से महाकाल वन मेला में हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर पूर्ण होगा।
प्रथम चरण में महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना की जाएगी। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने एमपीटी लेक व्यू रेजिडेंसी में पत्रकार वार्ता में उत्सव के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि गणनायक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म व प्रजा वत्सल गुणों को समाज में पुन: स्थापित करने के लिए 1 करोड़ 1 लाख रुपए का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपए का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपए राशि के 3 राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किए हैं। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियां भी इसमें शामिल हैं। देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंदिरों की साज सज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख है।
Updated on:
7 Feb 2026, 9:36 PM IST
Published on:
7 Feb 2026, 9:36 PM IST
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