उज्जैन

नारकोटिक्स और पुलिस ने पकड़ा 65 लाख का गांजा

आंध्र प्रदेश से मुर्गियों के दानों के बीच छुपा कर लाए 1376 किलो गांजे की बड़ी खेप पकड़ाई, ड्राइवर, क्लीनर गिरफ्तार, तराना के आधा दर्जन तस्कर फरार।
2 min read
Aug 16, 2021
tarana_ganja_65_lakhs.jpg

उज्जैन. इंदौर नारकोटिक्स और तराना पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए मुर्गियों के दानों के बीच छुपा कर लाए जा रहे 1376 किलो गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। यह अब तक के इतिहास में उज्जैन जिले में पकड़ाए मादक पदार्थ तस्करी का सबसे बड़ा मामला है। जिसमें एक करोड़ 65 लाख का गांजा पकड़ा है।

हालांकि पुलिस इस मामले में सिर्फ गांजा सप्लाई करने वाले ड्राइवर व क्लीनर को ही गिरफ्तार कर पाई है। जबकि सरगना और तराना से गांजे की सप्लाई करने वाले करीब आधा दर्जन तस्कर अब भी फरार बताए जा रहे हैं। ट्रक पर राजस्थान का नम्बर डला है।

सबसे बड़ी तस्करी
नारकोटिक्स इंदौर जोनल हेड अमित घावरे के अनुसार एनसीबी को इसकी सूचना मिली थी कि ट्रक आरजे 17 जीए 6181 में गांजे की बड़ी खेप तराना पहुंच रही है। तराना के पास पहुंचने पर तलाशी ली तो पता चला कि मुर्गियों के दानों के बीच बोरे में भरकर गांजा लाया जा रहा था। जब इसकी तुलाई की तो नारकोटिक्स व पुलिस विभाग भी भौचक्का रह गया। गांजे का कुल वजन 1376 किलो निकला जो उज्जैन जिले में अब तक की सबसे बड़ी तस्करी मानी जा रही है।

आंध्र प्रदेश से आया गांजा
तराना टीआई संजय मंडलोई ने बताया कि ट्रक के साथ तराना के शेरु खान ड्राइवर व क्लीनर महबूब अली उर्फ मार्क वा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि आंध्र प्रदेश से गांजा भर कर छत्तीसगढ़ के रास्ते होते हुए तराना पहुंचे थे।

गांजे की मंडी बनता जा रहा तराना
तराना मालवा क्षेत्र में गांजे की बड़ी मंडी बनता जा रहा है। यहां नक्सल प्रभावित आंध्र प्रदेश, ओडिशा सहित राजस्थान से बड़ी मात्रा में गांजा पहुंचता है इसके बाद इसकी बड़ी-बड़ी खेप देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाई जाती है। टीआई संजय मंडलोई का कहना है कि इस तस्करी में आधा दर्जन से ज्यादा तस्कर शामिल है। जिनके बारे में जानकारी सामने आ गई है। आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद इसका खुलासा किया जाएगा।

Updated on:
16 Aug 2021 03:28 pm
Published on:
16 Aug 2021 03:28 pm