
उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय अंतर्गत माधव विज्ञान महाविद्यालय में संचालित होने वाले पीजी डिप्लोमा इन योगा पाठ्यक्रम की ओर से उदयन मार्ग स्थित मंगल कॉलोनी में ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित आनंद भवन में योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में वृद्धजनों को भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग टिप्स के साथ ही आहार कैसा हो के बारे में बताया जा रहा है।
वृद्धजनों को एक घंटा योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा
10 दिवसीय शिविर 8 अप्रैल से शुरू हुआ है। इसमें वृद्धजनों को एक घंटा योग के अंतर्गत प्राणायाम, सूर्य नमस्कार आदि आसनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर का समापन 17 अप्रैल को होगा। योग विभागके कॉर्डिनेटर डॉ अनुराग टीटोव एवं डॉण् सिम्मी सक्सेना के मार्गदर्शन में विभाग की ओर से मंजुला व्यास, राघवेंद्र उपाध्याय, पदमा उपाध्याय, प्रीति पंड्या, अनिता भट्ट, आलोक शर्मा, हिना वासवानी, आराधना शर्मा द्वारा योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सद्भावना मल्लखंभ, योग स्पर्धा संपन्न
मध्यप्रदेश मल्लखंभ एसोसिएशन एवं भारतीय मल्लखंभ महासंघ के संस्थापक बमशंकर जोशी की स्मृति में विक्रमादित्य मल्लखंभ अकादमी, योग संघ, दीप ज्योति हेल्थ एंड वेलफेयर सोसायटी की ओर सद्भावना मल्लखंभ एवं योग स्पर्धा का आयोजन किया गया। मल्लखंभ कोच मोहनलाल धाकड़ ने बताया कि प्रतियोगिता में विभिन्न संस्थाओं की ओर से बमशंकर जोशी को श्रध्दासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर नागेश शिंदे, शरद नागर, निश्छल यादव, डीडी बेदिया, सतीश यादव, जाहिद नूर,गोपाल व्यास, अजय विपट, तेजकरण मालवीय, लीलाधर कहार, ललित बम, दीपक जैन, अंतिम चतुर्वेदी, मनीषशंकर जोशी, योगेश मालवीय, केएस श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
खेल प्रशिक्षण शिविर
आईबीएस ग्लोबल एकेडमी सांवेर रोड द्वारा 15 अप्रैल से टेबल टेनिस, क्रिकेट,बॉस्केटबॉल का प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ किया जा रहा है।
सैनिक का किया स्वागत
क्षेत्र के ग्रामरसलपुर निवासी गोपाल मेवाड़ा का चयन इंडियन आर्मी में हुआ और पिछले 7 वर्षों से वे ट्रेनिंग पर गए थे। सैनिक के ट्रेनिंग से लोटने पर रेलवे स्टेशन पहुंचकर ग्रामीणों ने गोपाल का स्वागत किया। आर्मीमैन गोपाल के पिता कैलाश मेवाड़ा ने कहा कि पुत्र का चयन देश की सेवा के लिए हुआ है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमें मातृभूमि की रक्षा करने का अवसर मिला। स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य मौजूद थे।