लंपी वायरस के संक्रमण का साइड इफैक्ट, पशु आहार महंगा, 8.50 रु. प्रति फैट बिकेगा दूध
उज्जैन. कोरोना वायरस की तरह पशुओं में फैल रहे लंपी वारयस संक्रमण ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। पशुओं में तेजी से फैल रहे वायरस की वजह से दूध बिक्री पर असर पड़ा है। दूध की कम आवक के बीच डेयरी संचालकों ने दूध के दाम बढ़ा दिए है। ऐसे में अब किसानों की तरफ से भी दाम बढ़ाने की मांग उठी है।
दूध संघ अध्यक्ष इंदरसिंह गुर्जर डाबरी का कहना है कि यदि डेयरी संचालकों ने दूध के दाम बढ़ाएं है तो किसान भी अब 8 रुपए 50 पैसे फैट के हिसाब से दूध बचेंगे। क्योंकि बढ़ते संक्रमण के बीच पशु आहार के दाम भी बढ़ गए हैं। दूसरी तरफ क्षेत्र में लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
गुर्जर का कहना लंपी वायरस की वजह से दूध के कारोबार पर खासा पड़ा है। संक्रमण से पहले 50 क्विंटल के करीब खपने वाला दूध अब 30 प्रतिशत कम पहुंच रहा है। दूध का अधिकतम फैट 5 व न्यूनतम 3 आता है। 5 फैट का 8 रुपए के हिसाब से 40 रुपए लीटर का भाव निकल रहा है। जबकि डेयरी संचालक 50 से 60 रुपए लीटर के मान से दूध बेच रहे हैं। यानी 10 से 20 रुपए ज्यादा वे कमा रहे हैं। जबकि बारिश के इस मौसम में दूध के दाम कम होते है, लेकिन वायरस की वजह से दूध के कम उत्पादन के चलते दाम बढ़ाना पड़ रहे हैं।
इस बीच खल के दाम पर 2 हजार से बढ़कर 3 हजार रुपए तक हो गए हैं। ऐसी स्थिति में 8 रुपए फैट के हिसाब से भुगतान कम है। इसलिए 50 पैसे बढ़ाना जरुरी है। गुर्जर ने कहा कि दूध की कमी के बीच कई डेयरी संचालक खुले दूध में पैकेट का दूध मिलाकर बेच रहे हैं। जो भी परेशानी का कारण है।
शुरू किया वैक्सीनेशन
शहरी क्षेत्र के पशुओं में भी संक्रमण बढ़ता जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि 5 से 7 दिन में पशु रिकवर भी हो रहे हैं। मृत्यु दर फिलहाल कम है। शहरी क्षेत्र के पशुओं के वैक्सीनेशन की शुरुआत सोमवार को पशु प्रेमी विवेक शर्मा ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप शर्मा के साथ मिलकर की है। पहले दिन गांधी ग्राम कॉलोनी में पशुओं को पकड़कर उन्हें टीका लगाया गया। नगर के करीब 3 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इस मौके पर विहिप व बजरंग दल के मोनू ठक्कर सहित युवा भी मौजूद थे।