
Ujjain Building Collapse Live Video : मध्य प्रदेश के अनूपपुर में एक तीन मंजिला इमारत ढहने से हुई तीन मौतों का मामले में अभी रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त भी नहीं हुआ था कि, उसी के अगले 24 घंटों में सूबे की धर्मनगरी उज्जैन में भी एक 3 मंजिला जरजर बिल्डिंग के ढहने की तस्वीरें सामने आई हैं। मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। घटना के समय इलाके में कई लोग मौजूद थे। जिस किसी ने भी इस मंजर को देखा वो सिहर उठा। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि, इमारत जरजर होने के कारण उसी के द्वारा इसे गिराया गया है। इधर, बिल्डिंग गिरने का एक वीडियो भी सामने आया है, जो रातभर से सोशल मीडिया पर वायरल है।
आपको बता दें कि, इमारत गिरने की ये पूरी घटना शहर के ढाबा रोड की है, जहां गेबी हनुमान मंदिर की गली के बाहर मह 15 साल पुरानी इमारत धराशायी हुई है। दरअसल, सिंहस्थ के लिए वी.डी क्लाथ मार्केट से दानीगेट होते हुए छोटे पुल तक सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण का काम चल रहा है। इस दौरान वहां नाली का निर्माण किया जा रहा है।
इमारत के गिरने का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। जैसे ही इमारत गिरी तो पूरे इलाके में धूल का गुबार देखने को मिला। बिल्डिंग गिरते वक्त सामने स्थित बिजली के पोल और तारों को तोड़ते हुए नीचे गिरी, जिससे स्पार्किंग होने के साथ तार टूटकर जमीन पर फैल गए। हालांकि, उस समय मौके पर लोगों की काफी भीड़ थी, लेकिन गनीमत रही कि, न कोई इमरत और न कोई बिजली का करंट दौड़ते तारों की जद में आया, वरना अनुपपुर की तरह यहां भी बड़ा हादसा हो सकता था।
इधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि, नाली निर्माण के चलते इमारत के पास जमीन में की गई तोड़फोड़ और संबंधित स्थान पर हमेशा लगातार पानी भरा रहने के कारण इमारत की नींव कमजोर हो गई थी, जिसकी वजह से मनोज भावसार और अली भाई का मकान भरभराकर गिर गया। रहवासियों का आरोप है कि, वो पिछले एक माह से यहां पानी भरा होने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण आज ये हादसा हुआ है।
इधर, हादसे की खबर लगते ही सीएसपी पुष्पा प्रजापति पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। नगर निगम के अमले को भी बुलाया गया और तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया, ताकि रास्ता साफ किया जा सके और किसी अन्य नुकसान से बचा जा सके। हालांकि, नगर निगम का दावा है कि, इमारत कमजोर थी, जिसके चलते इसे उन्हीं के द्वारा सुरक्षित तौर पर गिराया गया है। लकिन, प्रशासन के इस दावे की अबतक पुष्टि नहीं हो सकी है।
हादसे से पहले स्थिति को भांपते हुए मकान में रहने वाले सभी लोगों से उसे खाली करा लिया गया था। साथ ही स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर आवाजाही भी बंद करा दी गई थी। इसी सतर्कता की वजह से रात के समय मकान गिरने के बावजूद किसी के घायल होने की खबर नहीं आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, मकान गिरने के संकेत पहले से मिलने लगे थे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और सड़क चौड़ीकरण का काम कर रहे ठेकेदार को खतरे की जानकारी से आगाह भी किया था। बावजूद इसके काम में लापरवाही बरती गई। सोमवार शाम मोहम्मद आमिर, समीर खान, अल्तमश खान, राजेश गुप्ता, समीर जैन और अविनाश पांचाल ने खुद आगे बढ़कर सड़क पर आवाजाही रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मकान मालिक मनोज भावसार और अली असगर ने नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि, मकान सिर्फ 15 साल पुराना था और पूरी तरह मजबूत था। सड़क चौड़ीकरण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों और पास में जमा पानी के कारण मकान की नींव कमजोर हो गई। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पोकलेन मशीन से आसपास के मकानों को तोड़ने का काम चल रहा था। साथ ही, करीब एक महीने से घरों की नींव में पानी जमा था, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिम्मेदारों की इसी लापरवाही के कारण ये हादसा हुआ है।