muharram juloos breaking barricades: एमपी में रतलाम के बाद उज्जैन में मोहर्रम जुलूस के दौरान बवाल देखने को मिला। तय रूट से हटकर बढ़े दुलदुल को रोकने पर विवाद हुआ। पुलिस ने 16 लोगों पर मामला दर्ज किया है। (mp news)
muharram juloos breaking barricades:उज्जैन शहर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्वक निकाला जा रहा था। बेगमबाग खेत का दुलदुल, निकास चौराहे से जुलूस में शामिल होकर तय रूट से हटकर गीता कॉलोनी की ओर बढ़ने लगा तो हालात अचानक बिगड़ गए।
पुलिस ने जैसे ही दुलदुल को रोकने की कोशिश की, जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ दिए। स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस को लाठीचार्ज (police lathicharge) किया। घटना में पांच पुलिसकर्मी बैरिकेड गिरने की चपेट में आकर घायल हो गए। वहीं दुलदुल भी सड़क पर गिर गया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। इस मामले में पुलिस ने 16 लोगों पर केस दर्ज किया है। (mp news)
घटना का वायरल वीडियो खबर के अंत में…
एएसपी नीतेश भार्गव ने बताया कि जुलूस से पहले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ दो बार बैठक की गई थी, जिसमें जुलूस का रुट तय किया गया था और सभी ने सहमति दी थी। बावजूद इसके बेगमबाग खेत के घोड़ा आयोजकों ने जबरन रुट बदलने की कोशिश की। निकास चौराहा से घोड़ा खजूर वाली मस्जिद तक चला था तभी अचानक अब्दालपुरा की और जुलूस मोड़ दिया। पुलिसकर्मियों ने आयोजकों को समझाने की कोशिश भी की लेकिन वे नहीं रुके। जुलूस ले जाने वालों ने वैरिकेड्स गिरा दिए, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही कानून व्यवस्था को खतरा पैदा हुआ।
एएसपी ने बताया कि मोहर्रम पर्व को लेकर शहर भर में 700 से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में और रात को जुलूस की निगरानी में ड्रोन कैमरे भी लगाए गए। इसके बाद भी कुछ लोगों के रूट बदलने की कोशिश और उपद्रव ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती में डाल दिया। हालांकि स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
जीवाजीगंज टीआइ विवेक कनोड़िया ने बताया कि एएसआइ तंवर सिंह केलवा, प्रधान आरक्षक अनिल सिसौदिया, प्रधान आरक्षक चंद्रपाल, प्रधान आरक्षक मुकेश मुनिया और आरक्षक श्याम सिंह घायल हुए। इन पुलिसकर्मियों पर वैरिकेड्स और जुलूस में निकाला जा रहा दुलदुल गिर गया था। सभी घायल पुलिसकर्मियों को चरक अस्पताल में उपचार दिया। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
परंपरागत वर्षों से रुट है, दुलदुल सलाम करके आते हैं। क्या पुलिस प्रशासन ने समाज के लोगों को इस रूट के लिए विश्वास में लिया था, यह प्रशासन से हमारा सवाल है।-खलीकुर्रहमान, शहर काजी
हमने पहले ही समाज के जिम्मेदार की सहमति से रूट तय किया था। उसी हिसाब से सुरक्षा की गई थी। जबरन रूट बदलना न सिर्फ गैरजिम्मेदाराना हरकत है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।-प्रदीप शर्मा, एसपी
पुलिस ने इरफान उर्फ लल्ला सहित 16 के खिलाफ केस दर्ज किया। समाज के लोगों ने बताया कि वह सब्जी का ठेला लगाता है, आरोपी कुछ मीडिया ग्रुप और पुलिस पीआरओ ग्रुप से भी जुड़ा है। जीवाजीगंज टीआइ ने बताया कि वीडियो से आरोपियों की पहचान कर रहे हैं। उनके अपराधों की भी जानकारी जुटा रहे हैं।