पंचकोशी यात्रियों के लिए सात दिन तक चली सेवा, जल से लेकर आइसक्रीम तक की व्यवस्था समापन पर समाजसेवियों ने किया प्रसाद वितरण, कई परिवारों ने निभाई सेवा में भागीदारी
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में पंचकोशी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए लगाए गए सात दिवसीय जल मंदिर का भव्य समापन हुआ। गोपाल राव सोनोने सेवाश्रम के तत्वावधान में आयोजित इस सेवा शिविर ने यात्रियों को भीषण गर्मी के बीच राहत पहुंचाने का कार्य किया। सात दिनों तक निरंतर चले इस जल मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई थी, जिससे हजारों यात्रियों को लाभ मिला। यह आयोजन सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
जल मंदिर के समापन अवसर पर विशेष रूप से 151 किलो गुलाब जामुन का वितरण किया गया। इस दौरान हरि सिंह यादव, सेवाश्रम के संस्थापक महेश सोनोने, रूप सिंह बुंदेला और प्रेम नारायण टाटावत ने संयुक्त रूप से यात्रियों को प्रसाद वितरित किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की। संस्थापक महेश सोनोने ने बताया कि सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचकोशी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था। समापन कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला, जहां सेवा भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
इस सेवा कार्य को सफल बनाने में कई समाजसेवियों और परिवारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपाध्याय परिवार द्वारा पपीते का वितरण किया गया, जबकि दिनेश टाटावत परिवार ने पांच दिनों तक छाछ की व्यवस्था कर यात्रियों को राहत प्रदान की।इस दौरान हरि सिंह यादव, गोपाल जी बागरवाल, मनोहर परमार, अजीत मंगलम, अनिल लश्करी, पंडित संतोष शर्मा सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। महिलाओं में सुनीता सोनोने, रेखा टाटावत, निर्मला बुंदेला, शीलादेवी और सुशीला ठाकुर ने भी सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सेवाश्रम संचालक सुनीता सोनोने ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं और सेवाभावी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसी तरह के सामूहिक प्रयास समाज में सेवा और सद्भावना को मजबूत करते हैं।