उज्जैन

उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर मामले में उमा भारती की एंट्री, सीएम मोहन यादव को पत्र में बताया हल

Khade Hanuman Mandir : पूर्व सीएम उमा भारती ने खड़े हनुमान मंदिर मामले के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर सुझाव दिया है।
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Updated: 10 Sep 2026, 8:04 PM IST
Khade Hanuman Mandir
उमा भारती ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र (फोटो सोर्स: Uma Bharti Facebook Page)

Ujjain News :मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित खड़े हनुमान मंदिर मामले में अब एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती की एंट्री हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन को पत्र लिखते हुए मंदिर मामले के समाधान पर अपनी राय व्यक्त की है। उमा भारती द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, उन्होंने भोपाल के कमलापति पार्क के पास की मस्जिद का हवाला देते हुए कहा कि, आप खुद उज्जैयनी हैं, उज्जैयनी शहर और उज्जैयनी के सभी धार्मिक स्थानों की गरिमा को आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। हम विकास और आस्था को साथ लेकर चलते हैं। यही समाधान उज्जैयनी के खड़े हनुमान मंदिर के लिए भी होना चाहिए।

पूर्व सीएम उमा भारती द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा कि, 'आप स्वयं उज्जैयनी के ही हैं, उज्जैयनी शहर और उज्जैयनी के सभी धार्मिक स्थानों की गरिमा को आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उज्जैयनी के खड़े हनुमान मंदिर का समाधान आप स्वयं भी सोच रहे होंगे। हमारे प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिवराज सरकार के समय पर कमलापति पार्क के आगे जब सड़क का चौड़ीकारण हुआ तो वहां मस्जिद को छुआ भी नहीं गया और पूरा प्लान बदल कर के रोड बनाया गया, क्योंकि हम विकास और आस्था को साथ लेकर चलते हैं। यही समाधान उज्जैयनी के खड़े हनुमान मंदिर के लिए भी हो सकता है।'

उमा भारती ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र (फोटो सोर्स: Uma Bharti)

क्या है मामला?

आपको बता दें कि, उज्जैन में होने जा रहे सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। इसी चौड़ीकरण की जद में आए उज्जैन का प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर अब सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुए हैं। सोशल मीडिया पर मंदिर से जुड़े वीडियो और रील लगातार वायरल हैं। यही कारण है कि, दूर-दूर से श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने उज्जैन पहुंचने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर चमत्कार वायरल

दरअसल, प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए प्रशासन की ओर से कई प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन किसी कारणवश प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हट सकी है। इसी के बाद श्रद्धालुओं के बीच ये चर्चा और तेज हो गई है कि, 'शायद बाबा खुद यहां से नहीं जाना चाहते।' हालांकि, ये भक्तों की आस्था से जुड़ी मान्यता है, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। ऐसे में पत्रिका भी इस बात की पुष्टि नहीं करता।

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10 Sep 2026, 8:04 PM IST
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