MP News: एक साल के इंतजार के बाद उज्जैन का विक्रम व्यापार मेला 2026 वाहन खरीदारों के लिए सुनहरा मौका लेकर आ रहा है। 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट और कंपनियों के आकर्षक ऑफर से मेला ऐतिहासिक बनने जा रहा है।
MP News: एक साल के इंतजार के बाद विक्रम व्यापार मेला 2026 (Vikram Vyapar Mela 2026) वाहन खरीदारों के लिए बड़ी राहत और फायदे की सौगात लेकर आ रहा है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने उज्जैन विक्रम व्यापार मेला और ग्वालियर के माधवराव सिंधिया व्यापार मेले में वाहनों पर मोटरयान कर (रोड टैक्स) में 50 प्रतिशत छूट को मंजूरी दे दी है। टैक्स में इस बड़ी राहत के साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियों और डीलरों के आकर्षक ऑफर मिलने से उज्जैन मेले में वाहन बिक्री के नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट (50% road tax discount), कंपनियों के आकर्षक ऑफर और बड़े आयोजन के चलते इस बार विक्रम व्यापार मेला वाहन खरीदारों के साथ साथ डीलरों के लिए भी फायदे का सौदा साबित होने जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी उज्जैन मेला प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला व्यापार मेला बनेगा। परिवहन विभाग दो दिनों में रोड टैक्स छूट से संबंधित अधिसूचना जारी करेगा। आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक एनआइसी सॉफ्टवेयर में आवश्यक अपडेट के बाद मेले में वाहन बिक्री करने वाले कारोबारियों को ट्रेड सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।
विक्रम व्यापार मेला 15 फरवरी से शुरू होगा। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार मेला और भी बड़े स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। मेले में चार पहिया वाहनों की 123 दुकानें, दोपहिया वाहनों की 40 दुकानें और फूड जोन की 60 दुकानें सहित कुल 223 दुकानें रहेंगी। नामी और ब्रांडेड ऑटोमोबाइल कंपनियों ने पहले ही मेले में भागीदारी के लिए रुचि दिखाई है। यह मेला पिछले वर्ष की भांति इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के विशाल ग्राउंड में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बढ़ती भीड़ और वाहनों की संख्या को देखते हुए खरीदारों और डीलरों दोनों को बेहतर सुविधाएं देना है। बड़े ग्राउंड में पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्टॉल व्यवस्था अधिक सुचारु रहने की उम्मीद है।
आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार उज्जैन में वाहन मेले की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। पहले ही साल मेले में 23,705 वाहन बिके थे, जिससे शासन को 122.11 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। उस वर्ष ग्वालियर मेले में 27,326 वाहन बिके थे। 2025 में उज्जैन विक्रम व्यापार मेले ने इतिहास रच दिया। ग्वालियर में जहां 28,613 वाहनों की बिक्री से 106 करोड़ रुपए का राजस्व मिला, वहीं उज्जैन में रिकॉर्डतोड़ 36,223 वाहन बिके और शासन को 313.55 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। उज्जैन मेले के ग्वालियर का रिकॉर्ड तोड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले का शुभारंभ किया था। उस समय सीमित संसाधनों और छोटे ग्राउंड में मेले का आयोजन किया गया, बावजूद इसके आरटीओ की टीम ने सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक लगातार काम कर डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराईं। ग्राहकों की बढ़ती संख्या और सफलता को देखते हुए इस बार बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाला मेला खरीदारों, डीलरों और आमजन तीनों के लिए अधिक सुविधाजनक साबित होगा। (MP News)