उज्जैन

22 दिसंबर की रात क्यों होती है सबसे लंबी

13 घंटे 19 मिनट की रही रात, दिन 10 घंटे 40 मिनट का रहा

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Dec 23, 2019
13 घंटे 19 मिनट की रही रात, दिन 10 घंटे 40 मिनट का रहा

उज्जैन. 22 दिसंबर रविवार को सूर्य मकर रेखा पर लंबवत रहा, जिससे उत्तरी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात हुई। उज्जैन में सूर्योदय 7.05 तथा सूर्यास्त 5.46 पर हुआ। दिन की अवधि 10 घंटे 40 मिनट तथा रात की अवधि 13 घंटे 19 मिनट रही। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तथा सूर्य की गति उत्तर की ओर दृष्टिगोचर होना प्रारंभ हो जाती है, जिससे उत्तरायण का फॉर्म कहते हैं। जीवाजी वेधशाला में इस घटना को शंकू यंत्र के माध्यम से देखा गया। पूरे दिन शंकू की छाया सबसे लंबी होकर मकर रेखा पर गमन करती हुई दृष्टिगोचर हुई।
भीष्म पितामह ने आज ही के दिन देहत्याग त्याग किया था
ज्योतिष शास्त्री डॉ मोहन गुप्त ने बताया कि 22 दिसंबर से सूर्य उत्तरायण हो गए हैं। इस घटना को ज्योतिष शास्त्र में विंटर सोल्स्टाइस कहते हैं। भारत के बीच उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है। सूरज के मकर रेखा पर होने से आज यहां से सर्वाधिक दूरी पर है। महाभारत के समय भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर माघ शुक्ल अष्टमी को देह त्याग किया था कालक्रम से अब इस समय में 41 दिन का अंतर हो गया है।
खगोलीय दिवस का आयोजन
रविवार को जीवाजी वेधशाला में खगोल दिवस का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत उज्जैन विकासखंड के चयनित 21 विद्यालयों में से प्रत्येक विद्यालय के तीन-तीन विद्यार्थियों को शिक्षकों के साथ वेधशाला में आमंत्रित किया गया। इन विद्यार्थियों की खगोल विज्ञान परीक्षा लेकर इन्हें प्राचीन यंत्रों, कार्यशील मॉडल एवं पावर पाइंट प्रस्तुतीकरण द्वारा खगोलीय एवं 26 दिसंबर को होने वाले सूर्य ग्रहण की जानकारी दी गई। जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया की ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नाजऩीन मंसूरी, द्वितीय स्थान हिमांशी बुनकर शासकीय उमावि ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान जय वर्मा शासकीय मॉडल उमावि उज्जैन ने प्राप्त किया।

Published on:
23 Dec 2019 12:45 pm
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