पशु कर सकेंगे स्वच्छंद विचरण - गो अभयारण्य की प्लानिंग पर काम शुरू, पहले चरण में एक करोड़ खर्च का अनुमान
उज्जैन. चिंतामण मार्ग स्थित रत्नाखेड़ी में गो अभयारण्य की प्लानिंग पर नगर निगम ने काम शुरू कर दिया है। प्रशासन से आवंटित ५५ बीघा भूमि से शेष ४५ बीघा क्षेत्र में निगम पशुओं के स्वच्छंद विचरण के लिए जंगलनुमा माहौल विकसित करेगा। ताकी शहर व जिलेभर में जहां भी आवारा मवेशी सड़कों पर घूमते हैं उन्हें बेहतर स्थान मुहैया हो सके। प्रारंभिक अनुमान अनुसार इस अभयारण्य को विकसित करने में १ करोड़ रुपए खर्च होंगे।
नगर निगम ने अपनी गोशाला तैयार कर ली है, जिसके दो बड़े शेड में ६०० पशु रखे जा सकेंगे। इसके बाद अब खुले भाग में अभयारण्य की प्लानिंग है। यदि निगम इसे ठीक प्रकार से विकसित करता है तो प्रदेश का पहला निकाय होगा, जिसका अपना अभयारण्य होगा। फिलहाल प्रदेश में किसी निगम का अपना ऐसा स्थान नहीं है। महापौर ने इंजीनियरों को अभयारण्य कि डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं, जिस पर एक्सपर्ट कंसलटेंट द्वारा वन विभाग व पशु विशेषज्ञों की सलाह से इसकी प्लानिंग बनेगी।
ऐस बन रही प्लानिंग, दिक्कत होगी दूर
एक करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च
गौ-अभयारण्य पर करीब एक करोड़ रूपए खर्च होगा। शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावाड़ा है। निगम प्रशासन सख्ती से धरपकड़ करता है। तो समस्या इन पशुओं को रखने की खड़ी हो जाती है। ऐसे में अभयारण्य बनने के बाद निगम की एक समस्या और कम हो जाएगी।