उमरिया

नल-जल योजना ठप, बूंद भर पानी को तरस रहे पाली जनपद क्षेत्र के ग्रामीण

ग्रामीणों ने की शिकायत, लेकिन समाधान के बजाय मिले सिर्फ आश्वासन

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Mar 03, 2025
ग्रामीणों ने की शिकायत, लेकिन समाधान के बजाय मिले सिर्फ आश्वासन

र्मी की आहट के साथ ही उमरिया जिले के जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में पानी की समस्या गहराने लगी है। राज्य सरकार की नल-जल योजना ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी, कई गांवों में पूरी तरह से ठप पड़ी है। घुनघुटी, छोटी तुम्मी, कटाई, खिचकिडी़ सहित दर्जनों गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी का मौसम अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों की मांग है कि नल-जल योजना को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत तत्काल करवाई जाए। गांवों में टैंकर से जल आपूर्ति बढ़ाई जाए।

ग्रामीणों को नहीं मिल रहा नल से पानी, हैंडपंप भी खराब

पाली जनपद क्षेत्र के इन गांवों में नल-जल योजना की पाइपलाइन बिछाई तो गई, लेकिन कई जगह काम अधूरा पड़ा है। जहां पाइपलाइन पूरी कर दी गई है, वहां भी नलों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप भी महीनों से खराब पड़े हैं। जब इस संबंध में पंचायत और पीएचई लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संपर्क किया जाता है, तो अधिकारी और कर्मचारी कहते हैं, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराइए, तभी हैंडपंप बनेगा।

गर्मी आते ही पेयजल संकट गहराया, टैंकर से हो रही जल आपूर्ति

कुछ गांवों में तो हालात इतने खराब हैं कि प्रशासन को टैंकर से पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। ग्राम घुनघुटी (गांधीग्राम) में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। ग्राम छोटी तुम्मी में पानी के लिए ग्रामीणों को 20 किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। ग्राम चांदपुर में नल-जल योजना के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हुई है। ग्राम कटाई, बड़ददार, हथपुरा में 2 से 3 साल पहले पाइपलाइन डाली गई थी, मगर अब तक ग्रामीणों को नल से पानी नहीं मिल रहा।

कागजों में पूरा, जमीनी हकीकत में अधूरा काम

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पाली, उमरिया जिला मुख्यालय और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। ठेकेदारों द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया, और जहां काम पूरा हुआ भी है, वहां पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी सामना करना पड़ रहा है।

Updated on:
03 Mar 2025 04:15 pm
Published on:
03 Mar 2025 03:47 pm
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