
यूजीसी रेगुलेशन-2026 के विरोध में सामाजिक संगठनों ने उठाए संवैधानिक सवाल
जिले में यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। कसौंधन वैश्य समाज, उमरिया के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों ने इन नए नियमों को लेकर गंभीर आपत्ती जताई हैं और इन्हें वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में महामहिम राज्यपाल, मध्य प्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमों की पुन: समीक्षा की मांग की गई।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि जातिगत भेदभाव एक गंभीर सामाजिक समस्या है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पूरी तरह आवश्यक है। लेकिन कानून ऐसा होना चाहिए जो निष्पक्षता और संतुलन पर आधारित हो। यदि किसी निर्दोष छात्र को व्यक्तिगत रंजिश, दुर्भावना या झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया जाता है तो ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाले के खिलाफ भी स्पष्ट और समान कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। केवल एक तरफा कार्रवाई से न्याय की भावना कमजोर होती है। विरोध करने वालों ने यह सवाल भी उठाया कि नए नियमों में भेदभाव को केवल एक दिशा में ही क्यों देखा गया है। यदि कोई ओबीसी वर्ग का छात्र एससी-एसटी वर्ग के छात्र के साथ जातिगत भेदभाव करता है, तो उसके खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई का प्रावधान क्यों नहीं है। उनका कहना है कि भेदभाव किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह हर सामाजिक स्तर पर देखने को मिलता है, और कानून को इस वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए। यूजीसी रेगुलेशन-2026 में ओबीसी वर्ग को पीडि़त पक्ष के रूप में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। समाज का कहना है कि इससे ऐसा संदेश जाता है मानो सामान्य वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया हो। जबकि न्याय व्यवस्था का मूल आधार तथ्यों, निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत होते हैं, न कि पूर्वाग्रह।
संगठनों ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थान समाज की नींव होते हैं। इनका उद्देश्य समानता, समावेश और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना होना चाहिए, न कि समाज को वर्गों में बांटना। वर्ष 2012 में बने नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि उस समय झूठे आरोप सिद्ध होने पर दंड का संतुलित प्रावधान था, जो नए नियमों में समाप्त कर दिया गया है। अंत में सामाजिक संगठनों ने मांग की कि यूजीसी रेगुलेशन-2026 को संविधान में निहित समानता, न्याय और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप पुन: परखा जाए और तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
Updated on:
4 Feb 2026, 3:50 PM IST
Published on:
4 Feb 2026, 3:50 PM IST
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