
Ladli Behna Yojana controversy- उमरिया जिले में भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री मीना सिंह का बयान तेजी से वायरल हो गया। 6 जून को दिया यह बयान 6 जुलाई को सोशल मीडिया पर आने के बाद से राजनीति गर्मा गई है। दरअसल, मीना सिंह मंच से भारत माता की जय के नारे लगवा रही थी। तभी कुछ महिलाएं सामने बैठी थी जो नारा नहीं लगा रही थी, इतने में मीना सिंह ने महिलाओं की ओर इराशा करते हुए कहा कि महिलाएं क्यों नहीं बोलीं…। लाडली बहना योजना बंद करना है क्या।
मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री एवं वर्तमान में भाजपा विधायक मीना सिंह का 10 सेकंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्रिका इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मीना सिंह के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है। कई लोग मीना सिंह के बयान की आलोचना कर रहे हैं।
कहा जा रहा है कि 6 जून को ग्राम पंचायत कुदरी नंबर-02 में अटल सेवा सदन का लोकार्पण कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में मीना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल आई हुई थीं। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में भी उन्हें विधायक (पूर्व कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश शासन), विधानसभा क्षेत्र मानपुर के रूप में आमंत्रित किया गया था।
मीना सिंह के ऐसे बयान पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। इसे लेकर लोग अलग-अलग तरह से प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे राष्ट्रभक्ति के समर्थन में दिया गया सामान्य संबोधन बता रहे हैं, तो कुछ लोग मीना सिंह की कथित टिप्पणी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो तेजी से फारवर्ड किया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मीना सिंह ने यह टिप्पणी किस बात को लेकर की थी। उनके बयान का पूरा वीडियो जारी नहीं हुआ है और छोटी सी क्लिप ही वायरल की जा रही है। जो क्लिप वायरल हो रही है, वो केवल 10 सेकंड की है। इससे वीडियो के आगे का भाग समझ नहीं आ रहा है लेकिन इसे लेकर लोग तरह-तरह से अनुमान लगा रहे हैं।
इस मामले में अब तक भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री मीना सिंह की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। वहीं प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से भी इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद यह राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
इससे पहले उमरिया जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भी मंत्री रहते हुए मीना सिंह बिफर पड़ी थी। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को दिए जाने वाले आभूषणों की कीमत और क्वालिटी से जुड़ा मुद्दा उठाया था। खुद मीना सिंह ने यह गड़बड़ी पकड़ी थी। इसके बाद हितग्राहियों को आभूषण की जगह नकद राशि देने का ऐलान किया था। यह बयान भी काफी दिनों तक वायरल हुआ था। मानपुर जनपद पंचायत में 86 जोड़ों का विवाह चल रहा था। तभी मुख्य अतिथि के रूप में उस समय की जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह ने आभूषण में गड़बड़ी पकड़ ली थी। तब हर जोड़े को 12 हजार 950 रुपए के जेवर दिए जाने थे। मीना सिंह ने मंच से कहा था कि जो आभूषण दिए जा रहे हैं, उनकी कीमत पांच-छह हजार रुपए से ज्यादा नहीं है। इस पर मंत्री ने पहले तो अधिकारियों को फटकार लग दी थी फिर बाद में अफसरों से जेवर वापस कर हर जोड़े को नकद राशि देने को कहा था।