कप्तान पार्थिव पटेल के शानदार शतक की बदौलत गुजरात ने 41 बार की चैंपियन मुंबई को पांच विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम किया।
होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में गुजरात के सामने जीत के लिए 312 रन का लक्ष्य था और उसने पार्थिव की 143 रन की बेजोड़ पारी के दम पर मैच के पांचवें और अंतिम दिन पांच विकेट पर 313 रन बनाकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
पार्थिव को उनके शानदार पारी के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। पार्थिव ने अपनी पारी में 196 गेंदों का सामना किया और 24 चौके लगाए। अगर पूरे सीजन की बात की जाए तो पार्थिव का प्रदर्शन जबरदस्त रहा। उन्होंने 8 मैचों में कुल 763 रन बनाए।
इस जीत के साथ ही गुजरात ने रणजी फाइनल में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम पर था जिसने 1938 में नवानगर के खिलाफ नौ विकेट पर 310 रन बनाए थे।
बार गुजरात ने रणजी खिताब अपने नाम किया है
वीं हार है यह मुंबई की रणजी ट्रॉफी के फाइनल में
अलग अलग टीमों ने अब तक रणजी खिताब अपने नाम किए हैं
साल बाद मुंबई की टीम फाइनल में हारी है
बार मुंबई की टीम रणजी चैंपियन बनी है जो एक रिकॉर्ड है
रणजी फाइनल खेले हैं अब तक मुंबई की टीम ने
साल बाद गुजरात की टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची