उन्नाव गैंग रेप केस में पीड़ित परिवार लगातार बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है...
उन्नाव. भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाले पीड़ित परिवार की मांग पर शाम तक बड़ी कार्रवाई हो सकती है और विधायक की गिरफ्तारी की भी संभावना है। इसके पूर्व विधायक के भाई अतुल सिंह और उसके साथ ही आरोपियों को पुलिस ने 14 दिन की रिमांड पर लिया है।
विधायक की गिरफ्तारी पर अड़ा परिवार
इधर पीड़ित परिवार लगातार विधायक की गिरफ्तारी की मांग के साथ सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। वहीं पीड़ित परिजनों की मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलना है। इसके साथ ही सीबीआई जांच की भी मांग पीड़ित परिवार कर रहा है। यदि ऐसा नहीं होता है तो दिल्ली में जाकर पीड़ित परिवार धरना प्रदर्शन देगा, भूख हड़ताल करेगा।
प्रशासनिक अमले में खलबली
जगह जगह न्याय की गुहार लगा रही दुष्कर्म पीड़िता व उनके परिजनों को प्रदेश के अंदर न्याय की आशा नहीं है। इसी बीच पीड़ित परिवार की एक अन्य महिला की तबीयत बिगड़ने की खबर से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। आनन-फानन उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर डॉक्टरों की एक पूरी टीम ने बीमार महिला की जांच की। उसकी हालत में सुधार की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विधायक का भाई हो चुका है गिरफ्तार
गैंगरेप के आरोपों से घिरे भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सिंगर के ऊपर भी गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी। इसके पूर्व उनके भाई अतुल सिंह के साथ बउआ, शैलू, विनीत मिश्रा, सोनू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर 14 दिन की रिमांड पर ले लिया है। इधर पीड़ित परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शिकायतों का दौर जारी हो गया है। रोज नई-नई जानकारी सामने आ रही हैं। इन सबके बीच विधायक की गिरफ्तारी न होने के कारण सरकार की भी किरकिरी हो रही है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शाम तक बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है 156 (3) के अंतर्गत डाले गए मुकदमे की पेशी से वापस जा रहे सुरेंद्र सिंह पुत्र मंगल सिंह के साथ निर्दयता से मारपीट की गई थी। जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उपचार के बीच ही उसे जिला कारागार में भेज दिया। विगत 8 अप्रैल को स्थिति गंभीर होने पर फिर एक बार जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसकी 9 अप्रैल की सुबह मौत हो गई। गैंगरेप पीड़िता की पिता की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया और मीडिया ने प्रमुखता से सत्ता पक्ष के विधायक के खिलाफ खबर दिखाई। जिसका असर सामने आ रहा है।