उन्नाव

खुशखबरी: गाइडलाइन में बदलाव, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब परिवहन आयुक्त कार्यालय के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Good news about driving license, change in guidelines उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस की गाइडलाइन में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब परिवहन आयुक्त के कार्यालय भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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Updated: 18 Feb 2025, 7:07 AM IST
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे लखनऊ के चक्कर

Good news about driving license, change in guidelines उत्तर प्रदेश शासन के नए नियम के मुताबिक अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। जिस कार्यालय में अभ्यर्थी ने बायोमेट्रिक कराई है। इस कार्यालय में उसे ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा उप संभागीय परिवहन अधिकारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने ड्राइविंग लाइसेंस गाइडलाइन में बदलाव किया गया है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव की सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन श्वेता वर्मा ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस की गाइडलाइन को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। जिसके अनुसार जिन आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस समय बीतने के बाद भी नहीं मिलते हैं या किसी कारणवश कमिश्नर ऑफिस वापस कर दिए जाते हैं। ऐसे आवेदकों को परिवहन आयुक्त कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन अब ऐसे आवेदकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने बनाई नई गाइडलाइन

श्वेता वर्मा ने बताया कि परिवहन आयुक्त बी सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी है कि आवेदकों को अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ऑफिस नहीं आना पड़ेगा। डाक से वापस आने वाले ड्राइविंग लाइसेंस को संबंधित जिला के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय या संभागीय परिवहन कार्यालय को भेज दिया जाएगा। जहां से आवेदक ने बायोमेट्रिक कराई है। इस दौरान लाइसेंस प्राधिकारी के साथ वह अपनी फोटो खिंचवाएगा और बनाए गए रजिस्टर पर चस्पा करेगा। ऐसे में पता चल जाएगा की लाइसेंस सही आवेदक के पास पहुंच गया है।

Updated on:
18 Feb 2025, 7:07 AM IST
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