उन्नाव

उन्नाव रेप केस में सजायाफ्ता कुलदीप सेंगर जेल से आएगा बाहर, कोर्ट ने रखी शर्तें… एक भी तोड़ने पर बेल होगी रद्द

Kuldeep Singh Sengar bail : उन्नाव रेप केस में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को सशर्त रिहा किया है।
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Updated: 23 Dec 2025, 4:18 PM IST
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कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दी जमानत, PC-X

उन्नाव : उन्नाव रेप केस में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को सशर्त रिहा किया है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और हरिश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने उनकी सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक संस्पेंड कर दिया और साथ ही कुलदीप सेंगर को जमानत दे दी।

कोर्ट ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को 15 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कुछ अहम बातें भी कही- कुलदीप सेंगर को पीड़िता से 5 किलोमीटर की दूरी पर रहना है। हर सोमवार को पुलिस के पास जाकर रिपोर्ट करना होगा। पासपोर्ट को जमा करवाना होगा। एक भी शर्त तोड़ने पर बेल को रद्द कर दिया जाएगा।

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुलदीप सिंह सेंगर ने ट्रायल कोर्ट से मिली उम्र कैद की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने मामला लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित रखने की मांग भी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट ने सेंगर को हर सोमवार को पुलिस को रिपोर्ट करने का भी आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि यदि एक भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो जमानत रद्द कर दी जाएगी।

जानें क्या है मामला

मामला साल 2017 का है, जब उन्नाव में एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब पीड़िता ने सीएम हाउस के बाहर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। इसके बाद पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई और पीड़िता की कार के संदिग्ध एक्सीडेंट के बाद आक्रोश फैल गया।

कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग को अगवाकर रेप किया था। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। दिल्ली कोर्ट ने दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को 20 दिसंबर, 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसे मृत्यु तक जेल में रखने के आदेश दिए थे। सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी। उसे भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था।

2002 में पहली बार चुनाव जीता था कुलदीप

चार बार विधायक रह चुके कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी चली गई थी। कुलदीप सिंह सेंगर भाजपा से पहले कांग्रेस, बसपा और सपा में भी रह चुके थे। 2002 में पहली बार सेंगर ने उन्नाव सदर सीट पर बसपा से, 2007 में बांगरमऊ सीट और 2012 में भगवंतनगर सीट पर सपा से जीत हासिल की थी। वहीं 2017 में भाजपा से बांगरमऊ सीट पर चुनाव जीता था।

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23 Dec 2025, 4:18 PM IST
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