उन्नाव

उन्नाव में आस्था और पर्यावरण की रक्षा के लिए अनोखी पहल, मंदिरों में खंडित मूर्ति व पूजा सामग्री के लिए विसर्जन पात्र

Nar Seva Narayan Seva Temples.: उन्नाव में खंडित मूर्तियों, पूजन सामग्री, आमंत्रण कार्ड सहित अन्य आस्था के प्रति के लिए प्रमुख मंदिरों में विसर्जन पत्र स्थापित किया गया है। नर सेवा नारायण सेवा की तरफ से यह पहल की गई है।
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Updated: 2 Nov 2026, 6:25 PM IST
नर सेवा नारायण सेवा के सदस्य, फोटो सोर्स- नर सेवा नारायण सेवा
नर सेवा नारायण सेवा के सदस्य, फोटो सोर्स- नर सेवा नारायण सेवा

UnnaoTemple News: उन्नाव में खंडित या विसर्जित की जाने वाली मूर्तियों, पूजन सामग्री, निमंत्रण कार्ड आदि को अब इधर-उधर फेंकने की जरूरत नहीं है। प्रमुख मंदिरों में विसर्जन पात्र रखा गया है। नर सेवा नारायण सेवा की तरफ से उल्लेखनीय पहल की गई है। संस्था के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कहा कि आस्था के प्रतीक मूर्तियों, पूजन सामग्री को इधर-उधर ना फेंके। मंदिर में स्थापित की गई विसर्जन पात्र का उपयोग करें। संस्था की तरफ से इनका सम्मानपूर्वक निस्तारण किया जाएगा।

विसर्जन पात्र का पूजन, फोटो सोर्स- नर सेवा नारायण सेवा

प्रमुख मंदिरों में रखा गया विसर्जन पात्र

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सनातन धर्म और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से नर सेवा नारायण सेवा ने सराहनीय शुरुआत की है। समिति की तरफ से जिले के प्रमुख मंदिरों में खंडित मूर्ति एवं पूजा सामग्री के लिए संग्रह केंद्र की स्थापना की गई है। जिसकी शुरुआत करते हुए नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कहा कि अब खंडित मूर्तियां पुरानी माला फूल मांगलिक कार्यक्रम के कार्ड आमंत्रण कार्ड पूजन सामग्री को इधर-उधर फेंकने की आवश्यकता नहीं है यह हमारे आस्था के प्रतीक है इन्हें अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। गंगा नदी या अन्य नदियों में प्रवाहित करने से जल प्रदूषण भी बढ़ता है।

विसर्जन पत्र में डालें आस्था के प्रतीक

विमल द्विवेदी ने लोगों से अपील की कि आस्था के प्रतीक सामग्रियों को इधर-उधर ना फेंक कर मंदिर में रखे गए विसर्जन पात्र में डालें। उन्होंने बताया कि विसर्जन पात्र आवास विकास कॉलोनी स्थित अखलेश्वर महादेव मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर, कल्याणी मंदिर और कब्बा खेड़ा तिराहा स्थित हनुमान मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में रखे गए हैं।

संस्था की तरफ से होगा सम्मानजनक निस्तारण

उन्होंने बताया कि कोई भी श्रद्धालु अपनी खंडित मूर्ति या पूजन सामग्री को इधर-उधर फेंकने या गंगा जी में विसर्जित करने की बजाय विसर्जन पात्र संग्रह केंद्र पर जमा कर सकता है। समिति के सदस्य विधि विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक भू-विसर्जन व निस्तारण करेंगे।

क्या कहती है प्रदेश अध्यक्षा?

प्रदेश अध्यक्षा अनीता विमल द्विवेदी ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है, इसी भावना के साथ समिति लगातार धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगी है। यह केंद्र आस्था और स्वच्छता दोनों की रक्षा करेगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि इस पुनीत कार्य में सहयोग करें और खंडित मूर्तियों व पूजन सामग्री को चिन्हित संग्रह केंद्रों में ही विसर्जित करें।

अखिलेश्वर मंदिर से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

विसर्जन पात्र रखने का शुभारंभ आवास विकास कॉलोनी स्थित अखलेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। ‌इस मौके पर भाजपा नेता व नर सेवा नारायण सेवा समिति के संस्थापक विमल द्विवेदी एवं प्रदेश अध्यक्ष अनीता विमल द्विवेदी ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इस मौके पर जिला प्रभारी अजय त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष राकेश राजपूत, नीलमणि सिंह, ज्योति राजपूत, पवित्र उपाध्याय, कमलेश दीक्षित, अखिल मिश्रा, विष्णु गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

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2 Nov 2026, 6:25 PM IST
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