Uttar Pradesh Assembly Elections Result 2022: कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर अखिलेश शाफ्ट हिंदुत्व का संदेश देने का प्रयास किया। इस दौरान अखिलेश यादव ने चुनावी रथ से चित्रकूट में प्रचार किया। ये पहली बार था जब अखिलेश यादव ने मंदिरों में जाकर संदेश दिया। चुनाव के पहले अखिलेश यादव ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। अयोध्या में चुनावी रैली की, रामलला के दर्शन किए, हनुमानगढ़ी में भगवान बजरंगबली आशीर्वाद लिया। भगवान कृष्ण की प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी। लेकिन इन तमाम प्रयासों से अखिलेश यादव भाजपा के कट्टर हिंदू की छवि पर हावी नहीं हो पाए।
UP Assembly Elections Result 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के शुरुआती रुझान सामने आने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी 270 सीटों में आगे चल रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी 120 सीटों पर आगे हैं। बीएसपी 5 सीटों पर, कांग्रेस की तीन सीटों पर और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के शुरुआती रुझानों को देखें तो उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। चुनाव से पहले सरकार बनाने का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी को एक बार फिर से चिंतन करना पड़ेगा कि आखिर जनता समाजवादी पार्टी के साथ क्यों नहीं गई। जबकि,0 अखिलेश यादव ने जनता को अपने साथ लाने के लिए हर हथकंडा अपनाया।
अखिलेश ने किए थे ये वादे
विधानसभा चुनाव 2022 में जहां अखिलेश यादव ने सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के लिए पुरानी पेंशन को बहाल करने का वादा किया। वहीं, दूसरी ओर सॉफ्ट हिंदुत्व को भी चुनावी हथियार बनाए। लेकिन इस हथकंड़े को जनता ने नकार दिया। बताते चलें अखिलेश यादव ने जनता को लुभाने के लिए धर्म का सहारा भी लिया। उन्होंने मंदिरों में पहुंच समाजवादी पार्टी के लिए जीत की कामना भी की। 8 जनवरी को अखिलेश यादव चित्रकूट में पहुंचकर अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस दौरान अखिलेश यादव ने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा भी की।
संदेश देने की कोशिश
कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर अखिलेश शाफ्ट हिंदुत्व का संदेश देने का प्रयास किया। इस दौरान अखिलेश यादव ने चुनावी रथ से चित्रकूट में प्रचार किया। ये पहली बार था जब अखिलेश यादव ने मंदिरों में जाकर संदेश दिया। चुनाव के पहले अखिलेश यादव ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। अयोध्या में चुनावी रैली की, रामलला के दर्शन किए, हनुमानगढ़ी में भगवान बजरंगबली आशीर्वाद लिया। भगवान कृष्ण की प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी। लेकिन इन तमाम प्रयासों से अखिलेश यादव भाजपा के कट्टर हिंदू की छवि पर हावी नहीं हो पाए।
पुरानी पेंशन भी नहीं आई काम
वहीं दूसरी और पुरानी पेंशन की बहाली के मामले में भी सरकारी कर्मचारियों ने अखिलेश यादव का साथ नहीं दिया। उसी का नतीजा है कि भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में शुरुआती रुझानों में पूर्ण बहुमत मिलता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, समाजवादी पार्टी से इतर अन्य पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का चुनाव में एक तरह से सूपड़ा साफ हो गया है।