
Cyber Fraud: कानपुर में गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने कानपुर के एक युवक को अपने जाल में फंसा लिया। खुद को आईजीएल गैस सर्विस का कर्मचारी बताने वाले ठग ने ऑनलाइन सत्यापन के नाम पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही युवक का मोबाइल और कंप्यूटर साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंच गया। इसके बाद ठगों ने तीन बैंक खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश की। दो खातों में सुरक्षा व्यवस्था के चलते रकम बच गई, लेकिन कोटक महिंद्रा बैंक के खाते से 7 लाख 39 हजार 808 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पनकी कल्याणपुर रोड स्थित आवास विकास नंबर तीन निवासी मनीष कुमार के मुताबिक, 11 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम सुशील शर्मा बताया और खुद को आईजीएल गैस सर्विस का कर्मचारी बताया। उसने मनीष से कहा कि उनका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। कनेक्शन जारी रखने के लिए ऑनलाइन लिंक के माध्यम से सत्यापन करना होगा।मनीष ने ठग की बात पर भरोसा कर उसके भेजे लिंक को छू दिया। आरोप है कि इसके बाद उनके मोबाइल फोन और कंप्यूटर को हैक कर लिया गया। साइबर ठग ने उनके बैंक खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश शुरू कर दी।
मनीष के मुताबिक, उनके एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और कोटक महिंद्रा बैंक में खाते हैं। साइबर ठग ने तीनों खातों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया। एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की सुरक्षा व्यवस्था के चलते ठग इन खातों से रकम निकालने में सफल नहीं हो सके।हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में सेंध लगाने के बाद ठगों ने 7,39,808 रुपये निकाल लिए। खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी होते ही मनीष के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद मामले को पुलिस ने जांच में लिया।
एसीपी कल्याणपुर ने बताया कि प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है। पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, भेजे गए लिंक और रकम के लेनदेन से जुड़े विवरण की जांच कर रही है। साथ ही ठगों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।