एलपीजी संकट के बीच इंडियन ऑयल ने अपने एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) यानी पांच किलोग्राम के छोटे सिलिंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है। इससे विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और कम खपत वाले घरों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। छोटे सिलिंडर का विकल्प उन उपभोक्ताओं के लिए भी मददगार होगा, जिन्हें एक […]
एलपीजी संकट के बीच इंडियन ऑयल ने अपने एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) यानी पांच किलोग्राम के छोटे सिलिंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है। इससे विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और कम खपत वाले घरों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। छोटे सिलिंडर का विकल्प उन उपभोक्ताओं के लिए भी मददगार होगा, जिन्हें एक सिलिंडर खत्म होने के बाद कई दिनों तक अगले सिलिंडर का इंतजार करना पड़ता था।
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन के मंडल महामंत्री और त्रिवेणी गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि इंडियन ऑयल का पांच किलोग्राम सिलिंडर करीब सात मार्च से बंद था, लेकिन 23 मार्च से इसकी सप्लाई फिर शुरू हो गई है। प्रयागराज के करीब 30 गैस एजेंसियों में इन सिलिंडरों की पर्याप्त सप्लाई शुरू हो चुकी है। यह सिलिंडर बिना पते के प्रमाण के सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर खरीदा जा सकता है और इसकी रिफिल भी आसानी से करवाई जा सकती है। नए पांच किलोग्राम के सिलिंडर की कीमत 1533 रुपये है, जबकि रिफिल 589 रुपये में हो सकती है।
छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा पहले छोटे सिलिंडर की रिफिल में कठिनाई का सामना कर रहे थे। कई जगह रिफिल की कीमत 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो गई थी, जिससे कुछ छात्र अपने गृह जनपद लौट गए। हालांकि, अब पांच किलोग्राम सिलिंडर की सप्लाई फिर शुरू होने की जानकारी धीरे-धीरे छात्रों तक पहुंच रही है।
प्लांट से कई एजेंसियों में कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई शुरू हो चुकी है। लेकिन इसके लिए दो प्रार्थना पत्र देने होंगे एक पाइपलाइन स्थापित करने के लिए और दूसरा डिवीजनल मैनेजर को यह बताने के लिए कि उन्हें कितनी मात्रा में गैस की जरूरत है। इस कदम से न सिर्फ छात्रों और प्रवासी श्रमिकों को राहत मिलेगी, बल्कि छोटे परिवार और कम खपत वाले परिवार को भी अब आसानी से एलपीजी सिलिंडर प्राप्त कर पाएंगे।