कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) के चचेरे भाई अमर दुबे को हमीरपुर में यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है
लखनऊ. कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) के चचेरे भाई अमर दुबे को हमीरपुर में यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है। अमर दुबे को विकास दुबे का राइट हैंड कहा जाता था। कानपुर एनकाउंटर के बाद अमर दुबे भागने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे ढेर कर लिया। बता दें कि कानपुर कांड में आठ पुलिसकर्मियों को मारने में अमर दुबे का भी हाथ था। अमर ने छत से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी।
फरीदाबाद में देखा गया विकास दुबे
गैंगस्टर विकास दुबे की तलाश में जुटी उत्तर प्रदेश की कई पुलिस टीमों को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि विकास और उसके दो साथियों को फरीदाबाद के एक होटल के बाहर देखा गया था। लेकिन पुलिस के आने से पहले ही अपराधी फरार हो गए। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है।
जांच के दायरे में चौबेपुर थाना
कानपुर शूटआउट के मामले में चौबेपुर थाना जांच के दायरे में आ गया है। एसएसपी ने थाने के सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया है। सभी कॉन्स्टेबलों को हटाकर उनके जगह पर पुलिस लाइन से 10 कॉन्स्टेबलों को तैनाती दी गई है।एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि सुधीर, आशीष, विमल, रवि, मोहित, नवीन, विजेंद्र, धीरज कुमार, लवकुश और रिषी यादव को सिविल लाइंस से चौबेपुर थाने में तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि थाने में पहले से तैनात एसओ समेत सभी पुलिसकर्मी विकास दुबे के मामले में शक के दायरे में हैं। इससे पहले दो दरोगा और एक सिपाही को पहले की सस्पेंड किया जा चुका है।