वाराणसी

ट्रेन में सफर के दौरान एसएमएस से मिलेगा जीआरपी सिपाही का नम्बर

प्लेटफार्म पर ही होगी अपराधियों की गिरफ्तारी, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 14 Nov 2017, 4:44 PM IST
ADG GRP Vinay Maurya
एडीजी जीआरपी विनय मौर्या मीडिया से बात करते हुए

वाराणसी. ट्रेन में सफर के दौरान ही जीआरपी सिपाहियों का नम्बर एसएमएस से मिल जायेगा। अपराधियों को प्लेटफार्म पर ही पकड़ लिया जायेगा। ट्रेन की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित होगी। जीआरपी में अधिक पारदर्शिता लाने व जवाबदेह बनाने की कवायद शुरू हो गयी है। मंगलवार को जीआरपी के एडीजी विजय मौर्या ने मीडिया से बात कर भविष्य के तैयारियों की जानकारी दी।
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जीआरपी एडीजी विजय मौर्या ने बताया कि जीआरपी सिपाही का नम्बर एसएमएस से भेजे जाने वाली योजना अभी प्रारंभिक स्तर पर है। वर्तमान समय जीआरपी के सभी लोगों का नम्बर, ट्रेनों में ड्यूटी आदि का ब्यौरा जुटाया जा रहा है उसके बाद योजना को आगे बढ़ाया जायेगा। अभी तक बोगियों में जीआरपी सिपाही का नम्बर लिखवाया जा रहा है, जिसके जरिए कोई भी यात्री फोन करके सहयोग मांग सकता है। यात्रियों में अभी चलित एफआईआर अधिक लोकप्रिय नहीं हो पा रहा है इसके लिए सभी को जागरूक करने की जरूरत है।
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जीआरपी की डब्बा पुलिस वाली छवि बदलने की तैयारी
एडीजी रेलवे विजय मौर्या ने कहा कि जीआरपी अभी तक प्लेटफार्म पर ही सक्रियता दिखाती थी, जिसके चलते डब्बा छवि बन गयी थी। जीआरपी को इस छवि से बाहर निकाला जा रहा है। जीआरपी अब अपराधियों के घर जाकर भी उन्हें पकड़ेगी। इसके लिए स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लिया जायेगा।
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जीआरपी और स्थानीय पुलिस में होगा अधिक समन्वय
जीआरपी को एसपी के अधीन करने के प्रश्र पर एडीजी विजय मौर्या ने कहा कि अभी एक कमेटी बनी है जो जीआरपी को अधिक से अधिक कारगर बनाने की रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य जीआरपी व स्थानीय पुलिस में अधिक से अधिक समन्वय बनाना है। इसके लिए आवश्यकता होगी तो अन्य राज्यों की भी व्यवस्था का अध्ययन किया जायेगा।
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अधिकारी से लेकर सिपाहियों तक को दिया गया टास्क
एडीजी ने बताया कि जीआरपी इस समय अपराधियों की कमर तोडऩे के लिए ९ दिसम्बर तक विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में वह वाराणसी आये हैं यहां की समीक्षा करने के बाद १५ नवम्बर को इलाहाबाद जायेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारी से लेकर सिपाही तक को टास्क दिया गया है। सिपाहियों को अपराधियों की सारी जानकारी रखनी होगी और मौके पर ही कार्रवाई करेंगे। एडीजी रेलवे ने कहा कि जिन अपराधियों की जमानत हो चुकी है उनकी जमानत निरस्त करवाना, मुकदमों में सजा दिलाने आदि का भी काम किया जा रहा है। जो लोग अपराध की दुनिया को छोड़ चुके हैं उनके जीआरपी परेशान नहीं करेगी।
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पार्किंग में तीन दिन से अधिक खड़े वाहनों की देनी होगी जानकारी
स्टेशन पर पार्किंग के प्रश्र पर एडीजी ने कहा कि वहां की व्यवस्था भी सुधारी जा रही है। स्टेशन की पार्किंग में तीन दिन से अधिक कोई वाहन खड़ा मिलता है तो इसकी सूचना जीआरपी को देनी होगी। इसके अतिरिक्त जीआरपी के एक थाने में दर्ज एफआईआर को दूसरे थाने में जल्द से जल्द भेजा जा रहा है।
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आधा दर्जन भ्रष्ट जीआरपी के लोगों को भेजा गया जेल
एडीजी रेलवे ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जीआरपी के ६ भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ प्रमाण मिलने पर उन्हें सीधे जेल भेजा गया है। गरीब जनता से वसूली करने वालों को किसी कीमत पर माफ नहीं किया जायेगा। कैंट रेलवे स्टेशन पर स्कैनर आदि सुरक्षा उपकरणों को लगाने पर काम चल रहा है। पत्रकार वार्ता में एसपी रेलवे पीके मिश्रा, सीओ जीआरपी विमल किशोर श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
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