बसपा के बाद सपा से भी हो सकती है दूरी, अब बीजेपी के साथ के अलावा नहीं बचेगा कोई विकल्प
वाराणसी. कुंडा के बाहुबली क्षत्रिय विधायक राजा भैया को बड़ा झटका लग सकता है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजा भैया को लेकर बड़ा बयान दिया है। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर दोनों ही नेताओं में जो मतभेद उभर गये थे वह अब गहराने लगे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजा भैया को लेकर जो बयान दिया था उसने भी सपा से बाहुबली विधायक की दूरी बनाने का काम किया है।
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अखिलेश यादव ने साफ कह दिया है कि राजा भैया उनके साथ नहीं है इससे अधिक उन्हें कुछ नहीं करना है। अखिलेश यादव के बयान से साफ हो जाता है कि सपा से राजा भैया की दूरी बढ़ गयी है। मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव के खास माने जाने वाले राजा भैया व अखिलेश यादव में बहुत मधुर संबंध नहीं थे। सीओ जियाउल हक हत्याकांड में राजा भैया पर आरोप लगा था जिसके बाद अखिलेश यादव के कहने पर उन्हें मंत्री पद छोडऩा पड़ा था बाद में सीबीआई जांच में राजा भैया को क्लीन चिट मिल गयी थी। इसके बाद सपा में अखिलेश यादव का वर्चस्व बढ़ता गया है और राजा भैया से उनकी पार्टी की दूरी होती गयी है। अखिलेश यादव के बयान से साफ हो जाता है कि वह भी मानते हैं कि बाहुबली क्षत्रिय नेता उनके साथ नहीं है।
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राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के बाद से बढ़ी दूरी
राज्यसभा चुनाव के समय ही राजा भैया ने मीडिया से कहा था कि वह सपा के साथ पहले भी थे और आज भी है लेकिन बसपा के साथ वह नहीं है। इसके बाद माना जा रहा था कि राज्यसभा में राजा भैया ने प्रथम वरीयता का वोट सपा को दिया होगा और द्वितीय वरीयता का वोट सीएम योगी के प्रत्याशी को मिला होगा। सपा का प्रत्याशी तो राज्यसभा में जीत गया है लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद मायावती ने बयान दिया था कि अखिलेश यादव अभी राजनीतिक रुप में अपरिवक्त है और वह राजा भैया क जाल में फंस गये हैं। इसके बाद अखिलेश यादव ने राजा भैया को धन्यवाद करने वाला अपना ट्रवीट डीलिट कर दिया था अब अखिलेश यादव के बयान से साफ हो जाता है कि अब राजा भैया की बसपा के बाद सपा से दूरी बन गयी है बीजेपी के सहयोग के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचता है।
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