वाराणसी

नगर निगम चुनाव में इस सीट पर नहीं मानी बीजेपी तो लग सकता झटका

किस दल का प्रत्याशी करेगा अपना दावा, जानिए क्या है कहानी
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Sep 30, 2017
BJP
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वाराणसी. यूपी में बीजेपी के लिए नगर निगम का चुनाव फजीहत का सबब बन सकता है। बीजेपी के सहयोगी दलों ने पहले ही चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। ऐसे में यह तय है कि बीजेपी को नगर निगम चुनाव में गठबंधन में शामिल दलों को भी सीट देनी होगी। बीजेपी यहां पर तो समझौता कर सकते हैं, लेकिन इस सीट पर पार्टी क्या करेगी।
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बीजेपी केे लिए मेयर की सीट को सहयोगी दलों को देना आसान नहीं है। यूपी में बीजेपी के साथ सुहेेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) व अपना दल सोनेलाल पार्टी का गठबंधन है। यूपी चुनाव में बीजेपी ने सहयोगी दलो के लिए कुछ सीट छोड़ी थी, जिस पर वह जीत कर भी आये हैं। सहयोगी दलों ने अभी से नगर निगम चुनाव लडऩे का ऐलान किया हुआ है। सहयोगी दलों ने इतना तक कहा है कि यदि बीजेपी हमे सीट नहीं देती है तो हम अपने बल पर नगर निगम चुनाव लड़ेंगे। सहयोगी दलों ने ऐसा बयान देकर बीजेपी पर सीटों को देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
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बीजेपी दिखाती है मेयर पद पर अपनी ताकत
यूपी में सपा व बसपा की सरकार के समय भी अधिकांश मेयर पद पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत मिलती है। बीजेपी यह बात जानती है कि शहर के मतदाता उसके पक्ष में अधिक मतदान करते हैं। नगर निगम में जब मेयर पद पर चुनाव होगा तो सहयोगी दलों को भी सीट की जरूरत होगी। बीजेपी अपनी सीट छोड़ेगी तभी वह सहयोगी दलों के प्रत्याशी को लडऩे का मौका मिलेगा। सहयोगी दल अलग से चुनाव लड़ते हैं तो भी बीजेपी का ही नुकसान होगा।
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सहयोगी दलों को मिला है अच्छा मौका
सहयोगी दलों को भी नगर निगम चुनाव जीतने का अच्छा मौका मिला है। बीजेपी से गठबंधन का सबसे अधिक लाभ अपना दल सोनेलाल पटेल पार्टी को हुआ है। अनुप्रिया पटेल खुद सांसद बनी है तो उनके आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने चुनाव जीता है। सुभासपा के नेता कभी चुनाव नहीं जीत पाते थे, लेकिन बीजेपी का साथ मिलने के बाद से उनके आठ विधायक है। सहयोगी दल जानते हैं कि नगर निगम चुनाव में अपनी अपस्थिति दर्ज कराने का यह बढिय़ा मौका है, जिसे वह छोडऩे वाले नहीं है।
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Published on:
30 Sept 2017 04:26 pm