वाराणसी

महागठबंधन से मिली हार के बाद बैकफुट पर बीजेपी, काटे जायेंगे इन नेताओं के टिकट

भगवा दल अब ऐसे नेताओं को लड़ायेगा चुनाव, संसदीय चुनाव 2014से अलग है स्थिति

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Jun 02, 2018
PM Narendra Modi and Amit shah

वाराणसी. संसदीय चुनाव 2014 में बीजेपी ने जिन प्रत्याशियों को टिकट दिया था उसमे से अधिकांश चुनाव जीत गये थे। यूपी में बीजेपी को सबसे अधिक फायदा मिला था। महागठबंधन ने जिस तरह से बीजेपी को लगतार चुनाव में पटखनी दी है उससे पार्टी बैकफुट पर आ गयी है और अब कई नेताओ के टिकट काटने की तैयारी है। बीजेपी अब उन्हीं लोगों को प्रत्याशी बनायेगी, जिन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल सकता है।
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संसदीय चुनाव 2014 से ही देश की राजनीति पर गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी का उदय हुआ था। उस समय बीजेपी ने एक तीर दो शिकार किये थे। बीजेपी में पीएम मोदी खेमे को मजबूत करने के लिए काफी संख्या में नये प्रत्याशियों को टिकट दिये गये थे। इसका उद्देश्य था कि चुनाव जितने के बाद पीएम मोदी अपने अनुसार सरकार चला सके। पार्टी का असंतुष्ट खेमा चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पाये। पीएम मोदी इस योजना में सफल हुए थे क्योंकि पीएम मोदी लहर में बीजेपी के ऐसे प्रत्याशी भी चुनाव जीत गये थे जिनके बारे में कभी कल्पना नहीं की गयी थी अब स्थिति बिल्कुल अलग है। बीजेपी जान चुकी है कि एक तरफ महागठबंधन में शामिल अखिलेश यादव , मायावती , राहुल गांधी आदि जैसे बड़े नेताओं के दल होंगे तो दूसरी तरफ मौजूदा सांसद के कार्यकाल की जनता में नाराजगी होगी। ऐसी स्थिति में मौजूदा सांसदों को फिर से प्रत्याशी बनाया गया तो बीजेपी को तगड़ा झटका लग सकता है इसलिए बीजेपी ने जनता से फीडबैक लेकर खराब काम करने वाले संासदो के टिकट कटाने की तैयारी की गयी है।
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जानिए कैसे लिया जा रहा जनता से फीडबैक
पीएम नरेन्द्र मोदी एप के जरिए जनता से मौजूदा सांसद व विधायक का फीड बैक लिया जा रहा है। जनता से पूछा जा रहा है कि आपके क्षेत्र में लोकप्रिय नेता कौन है। जनता से जैसा फीड बैक मिलेगा। बीजेपी अपनी रणनीति के अनुसार आगे का निर्णय करेगी। यदि सांसद के कामकाज से लोग बेहद नाराज होंगे तो उनका टिकट कटना तय है।
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सबसे महत्वपूर्ण है पूर्वांचल की सीट
यूपी जितने के लिए बीजेपी को फिर से पूर्वांचल में अपनी ताकत दिखानी होगी। बनारस से खुद पीएम नरेन्द्र मोदी सांसद है और लगातार बीेजेपी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि संसदीय चुनाव 2019 में फिर से पीएम मोदी इसी सीट से चुनाव लड़ेंगे। आजगमगढ़ में बाहुबली रमाकांत यादव व सपा की दोस्ती किसी से छिप नहीं है इसलिए यहां पर नया प्रत्याशी उतारा जा सकता है। भदोही से वीरेन्द्र सिंह मस्त सांसद है और बीजेपी के पुराने नेता है। यहां से बाहुबली विजय मिश्रा अपने बेटी के लिए टिकट मांग सकते हैं। गोरखपुर की सीट सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथ से निकल गयी है इसलिए इस सीट पर भी प्रत्याशी बदल सकता है। यही कहानी फूलपुर संसदीय सीट की भी है। जौनपुर, मछलीशहर, चंदौली, देवरिया आदि सीट पर प्रत्याशी का निर्णय बेहद निर्णायक होगा। गाजीपुर के मौजूदा सांसद मनोज सिन्हा को खुद पीएम मोदी पसंद करते हैं इसलिए इस सीट पर बदलाव की उम्मीद कम है।
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सहयोगी दलों को भी देनी होगी सीट
मिर्जापुर से अपना दल सोनेलाल गुट की अनुप्रिया पटेल सांसद है जबकि अपना दल के दूसरे गुट कृष्णा पटेल से जुड़े नेता प्रतापगढ़ से सांसद है। सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर ने भी संसदीय चुनाव की सीट मांगी है इसके चलते भी बीजेपी नेताओं के टिकट कटने तय हैं।
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Published on:
02 Jun 2018 04:33 pm
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