नाव में सवार होकर इफ्तार पार्टी करने और नॉनवेज खाकर उसके अवशेष गंगा नदी में फेंकने के मामले में मुकदमा दर्ज करने वाले शिकायतकर्ता रजत जयसवाल को अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी दी गई है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है...
वाराणसी: नाव में सवार होकर इफ्तार पार्टी करने और नॉनवेज खाकर उसके अवशेष गंगा नदी में फेंकने के मामले में मुकदमा दर्ज करने वाले शिकायतकर्ता रजत जयसवाल को अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी दी गई है। धमकी दिए जाने के बाद रजत ने पुलिस को सूचित किया और इस मामले में सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। रजत भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष हैं।
बीते दिनों रमजान के दौरान गंगा नदी में चिकन बिरयानी की पार्टी कर रहे 14 मुस्लिम युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने वाले भाजपा युवा मोर्चा के नेता रजत जयसवाल को धमकी भरे कॉल आए हैं। रजत ने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी और ईमेल पर भी धमकी भेजी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की है।
रजत की शिकायत के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है और मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। रजत की शिकायत के बाद 14 मुस्लिम युवकों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। रजत ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर भी जान से मारने की धमकी दी जा रही है। रजत ने आरोप लगाया है कि सिगरा थाना क्षेत्र में जिस जगह उनका घर है, वहां मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि उनके ऊपर कभी भी हमला किया जा सकता है। रजत ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा की जाए।
दरअसल, 16 मार्च को कोतवाली थाने में रजत की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। रजत ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बताया था कि गंगा नदी में इफ्तार पार्टी के दौरान नाव पर चिकन बिरयानी परोसी गई और हड्डियों के अवशेष गंगा नदी में फेंक दिए गए। इससे सनातन धर्म की अस्मिता को ठेस पहुंची है, जिसको देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
वहीं, कोर्ट में गुरुवार को पेशी के दौरान सभी 14 आरोपियों ने न्यायाधीश के सामने माफी मांगी, लेकिन पुलिस द्वारा गंभीर धाराएं लगाए जाने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत नहीं दी। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होनी है।
वहीं, रजत के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया है कि गुरुवार को कोर्ट परिसर में कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी है और परिणाम भुगतने को कहा है। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। शशांक ने बताया कि सभी 14 आरोपियों की जमानत याचिका पर 1 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई होगी।
त्रिपाठी ने बताया कि सभी आरोपी पेशी के दौरान कान पड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांग रहे थे। उनका आरोप है कि जिस नाव में सभी 14 युवक सवार थे उसके नाविक का अपहरण किया गया था और जबरन नाव को पंचगंगा घाट के सामने से लेकर गंगा नदी में इफ्तार पार्टी की गई। उन्होंने कहा है कि इन्होंने न सिर्फ सनातन धर्म का अपमान किया है बल्कि मां गंगा का भी अपमान किया है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेगा।