वाराणसी

बीजेपी ने खेला बड़ा दांव, इन लोगों को बनाया जिला और महानगर में मंडल अध्यक्ष

काशी में बढ़ाया गया संगठनात्मक जिला, पार्टी का दावा सामाजिक समीकरण का दिया गया पूरा ध्यान
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Updated: 15 Nov 2019, 12:03 PM IST
PM Narendra Modi and Amit Shah
PM Narendra Modi and Amit Shah

वाराणसी. यूपी चुनाव 2022 से पहले ही बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने जिला और महानगर में अपने मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिये हैं। बीजेपी का दावा है कि सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही सूची तैयार की गयी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने प्रदेश में चार जिलों की स्वीकृति दी है इसमे दो जिले काशी व गोरखपुर क्षेत्र के है।
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जिला के सह मीडिया प्रभारी श्रीनिकेतन मिश्र के अनुसार चोलापुर के सर्वेश सिंह, आयर के देवव्रत रघुवंशी, चौबेपुर के रामजी मौर्या, हरहुआ के धनंजय सरोज, पिंडरा के मनीष पाठक, बड़ागांव के अरविंद मिश्र, सेवापुरी के यतीश तिवारी आदि को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। जिला प्रतिनिधि की जिम्मेदारी चोलापुर के अरविंद यादव, सिंधोरा के बृजभूषण शर्मा, सेवापुरी के संजय सोनकर को सौपी गयी है। इसके अतिरिक्त शहर उत्तरी विधानसभा के बागेश्वरी मंडल में सिद्धनाथ शर्मा को मंडल अध्यक्ष व राजेन्द्र सिंह दाढ़ी को मंडल जिला प्रतिनिधि, सारनाथ मंडल में अजीत कुमार सिंह को मंडल अध्यक्ष व अवधेश राय को मंडल जिला प्रतिनिधि, कैंट विधानसभा के कैंट मंडल में अभिषेक कुमार वर्मा को मंडल अध्यक्ष व मधुप सिंह को मंडल जिला प्रतिनिधि, रामनगर मंडल में अजय प्रताप सिंह के मंडल अध्यक्ष व राजेन्द्र सिंह पटेल को मंडल जिला प्रतिनिधि बनाया गया है।
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बीजेपी तेजी से कर रही संगठन का विकास
यूपी चुनाव से पहले बीजेपी तेजी से संगठन का विकास करने में जुटी है। इसी क्रम में संगठनात्मक जिला बढ़ाया गया है। अब बीजेपी के 98 संगठनात्मक जिला हो गया है। जबकि 1918 मंडल और 27779 सेक्टर बन चुके हैं। काशी क्षेत्र के जौनपुर व मछलीशहर को संगठनात्मक जिला बनाया गया है। इनका मुख्यालय मंडिय़ाहूं होगा।
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पिछले वर्ग को अपने साथ बनाये रखने में जुटी है बीजेपी
बीजेपी ने अन्य पिछड़े वर्ग को अपने साथ बनाये रखने के लिए सभी दांव खेल रही है। यूपी चुनाव में पिछड़ वर्ग के वोटरों को अपने पाले में करने के लिए राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की कांग्रेस, मायावती की बसपा व अखिलेश यादव की सपा भी जुटी है। बीजेपी जानती है कि यूपी की सत्ता में फिर से वापसी करनी है तो सामाजिक समीकरण नहीं बिगडऩा चाहिए।
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15 Nov 2019, 12:03 PM IST
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