
वाराणसी. नगर निगम चुनाव में सभी दल अपने प्रत्याशियों को जिताने में सारी ताकत लगा दी है। इस चुनाव में एक दल ऐसा भी है जिसकी हार से बीजेपी की ताकत यूपी में बढ़ जायेगी। सभी लोगों की निगाहे एक दिसम्बर को होने वाली जनगणना पर टिकी हुई है, जिसका परिणाम बतायेगा कि बीजेपी को झटका लगा है या फिर फायदा हुआ है।
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बीजेपी ने गठबंधन दलों के साथ यूपी चुनाव जीता है। बीजेपी के साथ अपना दल सोनेलाल व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) का गठबंधन है। नगर निगम चुनाव में अपना दल व सुभासपा दोनों ने ही बीजेपी से सीट मांगा था। बाद में अपना दल ने बीजेपी पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए नगर निगम चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया था, लेकिन सुभासपा ने नगर निगम चुनाव में गठबंधन को तोड़ते हुए बीजेपी के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार दिये हैं। सुभासपा के नेता लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलने में जुटे हैं। सुभासपा के नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी उतारने से साफ हो जाता है कि दोनों ही दलों का मतभेद बहुत बढ़ गया है।
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जानिए किस तरह से होगा बीजेपी को फायदा
सुभासपा के प्रत्याशी चुनाव जीत जाते हैं तो बीजेपी को तगड़ा झटका लगना तय है। गठबंधन में सुभासपा की ताकत बढ़ जायेगी और संसदीय चुनाव २०१९ तक दोनों दलों में गठबंधन बचा तो सुभासपा अपने प्रत्याशियों के लिए अधिक सीट की मांग करेगी। सुभासपा के चुनाव हार जाने पर बीजेपी को बड़ा फायदा होगा। बीजेपी यह साबित कर देगी कि यूपी चुनाव में मिली जीत में भगवा पार्टी की ही मुख्य भूमिका थी ऐसे में संसदीय चुनाव में बीजेपी जिस सहयोगी दल को जितना सीट देना चाहेगी। उतने सीट पर ही संतोष करना होगा। नगर निगम चुनाव परिणाम से बीजेपी व सुभासपा गठबंधन का भविष्य निर्धारित करेगा।
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