अप्रैल 2019 नये सत्र से लागू होगा नियम।
वाराणसी. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से संबद्धता प्राप्त स्कूल अब छात्रों-अभिभावकों के साथ नहीं कर पाएंगे मनमानी। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को गाइड लाइन जारी कर दिया है। इस दिशा निर्देश पर अगले सत्र यानी अप्रैल 2019 से कार्रवाई शुरू होगी।
सीबीएसई के दिशा निर्देश के तहत छात्रों का दाखिला निर्धारित फीस पर हो सकेगा। इसके लिए स्कूल कोई अतिरिक्त फीस नहीं ले सकेंगे। सीबीएसई ने फीस को लेकर हो रही मनमानी पर लगाम लगाने के लिए मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं।
नए दिशा निर्देश के तहत स्कूलों को दाखिले से पूर्व अभिभावकों को फीस संबंधी पूरी जानकारी देनी होगी, ताकि दाखिले के बाद अभिभावकों को स्कूलों में लगने वाले हिडन चार्जेस से मुक्ति मिल सके। इतना नही नहीं स्कूलों को यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से भी साझा करनी होगी। ये सभी नियम वर्ष 2019 से लागू किए जाएंगे। सीबीएसई ने इस प्रक्रिया को मॉनीटर करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। नए नियमों के अनुसार कोई भी स्कूल फीस बढ़ाता है, तो उसे डीआईओ से परमिशन लेनी होगी।
सीबीएसई की ओर से स्कूलों में एक मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा। स्कूल प्रशासन जब भी फीस में वृद्धि करना चाहेगा, उसे पहले इस मैनेजमेंट कमेटी से एप्रूवल लेना होगा। उसके बाद कमेटी की अनुशंसा जिला शिक्षा अधिकारी के पास जाएगी। इसके बाद फीस बढ़ाने की अनुमति डीईओ द्वारा दी जाएगी।
नए नियमों के तहत सीबीएसई अब सिर्फ स्कूलों के लर्निंग आउटकम पर ही फोकस करेगी। इसमें छात्रों की योग्यता को परखा जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि छात्र जो स्कूल में पढ़ रहे हैं, वह उसे आता भी है या नहीं। इसमें छात्रों की थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल बेस्ड स्टडी पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।