
Cm Yogi Adityanath Statement: वाराणसी में एमएलसी चुनाव के बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रबुद्ध लोगों को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने वाराणसी से समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसके पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने अलग-अलग समाज के लोगों को प्राथमिकता दी, जबकि सपा ने ऐसा नहीं किया। मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए को 'पराया धन अपना' बताते हुए कहा कि पार्टी ने राज्यसभा में किसी दलित या पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को मौका देने के बजाय, विशेष लोगों को प्राथमिकता दी।
सीएम योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यसभा के लिए अपने 'चचा' रामगोपाल यादव को प्रत्याशी बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा काशी, गाजीपुर या बलिया से किसी यादव को भी उम्मीदवार बना सकती थी। दूसरी सीट पर दलित समाज के व्यक्ति को भेजा जा सकता था। उन्होंने सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। सीएम ने कहा, "इनको (सपा) देखकर गिरगिट भी कहता होगा कि चलो मेरी तरह कोई रंग बदलने वाला मनुष्य तो आया।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के दौरान युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिले और भर्ती प्रक्रिया में भी पक्षपात होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्ती में 'सैफई सिंडिकेट' का प्रभाव रहता था। सीएम के मुताबिक, यूपी में बीजेपी की सरकार के साढ़े नौ साल के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अगले चार महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
उन्होंने 42 हजार होमगार्डों को रोजगार देने की बात कही और बताया कि उन्हें 25 से 30 हजार रुपए मानदेय तक मिलेंगे। शिक्षक भर्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है। उन्होंने सपा सरकार के समय भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके समय केवल परिवारवाद चलता था। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी और माफिया का प्रभाव था। उन्होंने कहा, "ऐसे माहौल में निवेश को बढ़ावा देना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि बीजेपी कि सरकार में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और विकास पर काम हुआ है।"
वाराणसी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के विकास से शहर की सांस्कृतिक पहचान को नया स्वरूप मिला है। सीएम ने कहा कि आज के समय में मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 200 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने दावा किया कि इससे लाखों युवाओं को काम के अवसर मिले हैं।