
वाराणसी. माघ पूर्णिमा के दिन संत रविदास का दर्शन करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ मंदिर में पहुंच गये हैं। संत रविदास मंदिर में सरुक्षा के सख्त बंदोबस्त किये गये हैं। मंदिर में मत्था टेकने के बाद सीएम योगी लंगर में प्रसाद भी छकेंगे। सीएम योगी से पहुंचने से कुछ देर पहले मंदिर में दर्शन बंद हो गया था सीएम के मंदिर से जाने के बाद ही दर्शन शुरू हो पाया।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के इस दौरे से संत रविदास के भक्त भी खासे उत्साहित है। बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद सीएम योगी यूपी के दूसरे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने यहां पर मत्था टेका है। सीएम योगी का मंदिर में जाने के लिए राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यूपी सहित देश में दलित वोटरों में बीजेपी की ताकत मजबूत करने के लिए भी सीएम योगी मंदिर गये हैं। सीएम योगी का हेलीकॉप्टर सीधे बीएचयू उतरा है उसके बाद से सड़क मार्ग से सीएम योगी आदित्यनाथ संत रविदास की जन्मस्थली पर पहुंचे हैं।
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मायावती, राहुल गांधी व अरविंद केजरीवाल को भी भेजा गया था आमंत्रण
मंदिर प्रशासन ने संत रविदास जयंती पर शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व सीएम मायावती व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी आमंत्रण भेजा था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के आमंत्रण को स्वीकार किया और दर्शन करने पहुंचे हैं। सीएम योगी पर भी समय-समय पर जातिवाद करने का आरोप लगता है, ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ का मंदिर में जाकर दर्शन करना विरोधी दलों के आरोपों का जवाब भी है। फिलहाल सीएम योगी आदित्यनाथ मंदिर से निकल कर संत रविदास के अनुयायियों से मिल रहे हैं। यहां पर एक घंटे से अधिक समय तक रुकने के बाद सीएम योगी विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। इसके चलते अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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