सपा सरकार की योजना पर चल रही भगवा सरकार, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. सपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव ने नेताओं से मुकदमे हटाने की जिन योजना पर काम शुरू किया था उसी योजना पर अब बीजेपी चल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुजफ्फरनगरकी दंगे में आरोपी बीजेपी नेताओं की तरह सहयोगी दल के नेता व अपने पार्टी के विधायक से मुकदमे हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की योजना कितना काम करती है यह तो समय ही बतायेगा। इतना तो साफ हो गया है कि सीएम योगी सरकार के इस निर्णय से विपक्ष को सत्तापक्ष पर हमला करने का नया अवसर मिल जायेगा।
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बीजेपी ने संसदीय व विधानसभा चुनाव अपना दल के साथ मिल कर लड़ा है। अपना दल की नेता व केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पर वर्ष 2013 में जंसा थाना क्षेत्र में पार्टी के प्रचार सामग्री रोकने जाने के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का मुकदमा दर्ज है। इसी तरह पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के शहर उत्तरी के विधायक रवीन्द्र जायसवाल पर दर्ज मुकदमे भी हटाने की तैयारी में राज्य सरकार है। विधायक रवीन्द्र जायसवाल पर चेतगंज थाना में धरना प्रदर्शन करने के आरोप में शांति भंग करने की धाराओं में केस दर्ज है। दोनों ही नेताओं पर संगीन मुकदमे नहीं है इसलिए सरकार ने इन मुकदमों को हटाने में सक्रियता दिखायी है। न्याय विभाग ने जिला प्रशासन से रवीन्द्र जायसवाल व अनुप्रिया पटेल के मुकदमे, केस की स्थिति, वादी का नाम, गवाह आदि सभी जानकारी मांगी है। न्याय विभाग का पत्र मिलने के बाद से जिला प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है।
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सपा सरकार में शुरू हुई थी यह परम्परा
सपा सरकार मेें मुलायम सिंह यादव ने नेताओं पर दर्ज मुकदमों को हटाने की परम्परा शुरू की थी और बाद में अखिलेश सरकार में भी यही प्रयास किया गया था जो अधिक सफल नहीं हो पाया था। उस समय विपक्ष में रही बीजेपी ने सपा पर मुकदमे हटाने की योजना का विरोध किया था लेकिन समय के साथ बीजेपी की सोच में बदलाव हो गया है और अब बीजेपी भी सपा की राह पर चलत हुए अपने नेताओं पर दर्ज मुकदमे हटाने में जुट गयी है।
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