शहर की यातायात समस्या पर दिया सुझाव, कमिश्नर ने भी माना सुझाव बेहतर है।
वाराणसी. शहर की ध्वस्त यातायात समस्या के समाधान के लिए कांग्रेस शुरू की है पहल। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली। उनसे परामर्श कर समस्या के निराकरण का तरीका जानने की कोशिश की। फिर उस पर खुद मंथन किया। और पहुंच गए सुझाव पर अमल कराने के लिए कमिश्नर के पास। यह सब है कांग्रेस की उस मुहिम का हिस्सा जो मंगलवार (26 जून) से शुरू किया गया है और यह बीजेपी के संपर्क फॉर समर्थन की काट के रूप में शुरू किया गया है। इस अभियान का नाम दिया है "प्राब्लम ऑफ वाराणसी"।
"प्राब्लम ऑफ वाराणसी" अभियान का आगाज करते हुए कांग्रेसजनों का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा कमिश्नर के पास और वाराणसी की ध्वस्त यातायात पर न केवल चर्चा की बल्कि समस्या के समाधान का रास्ता भी सुझाया। मांग की कि यातायात सुधार के लिए साप्ताहिक बंदी एक दिन न हो कर क्षेत्रवार (थानेवार) दो चरणों में की जाए। कमिश्नर को यह सुझाव अच्छा लगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सुझाव को उचित बताते हुए शिघ्र ही ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वाराणसी की यातायात समस्या सबके लिए एक बड़ी समस्या है जिसको सुधारना हमारी प्राथमिकता है और इस दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की बंदी दो चरणों में करने के सुझाव पर अतिशिघ्र संबंधित अधिकारियों व व्यापारियों की बैठक बुला कर निर्णय लिया जाएगा।
अग्रवाल ने कहा कि यह शहर यहां के निवासियों का है और इस शहर की प्रतिष्ठा व गरिमा को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी हमसे कहीं ज्यादा उनकी है और मुझे खुशी है कि बनारस अपने मिजाज अनुसार प्रशासन को सहयोग करता रहता है। यह हमारी भी प्रशासनिक जिम्मेदारी है कि कोई भी नागरिक प्रशासनिक दुर्व्यवहार या दुर्व्यवस्था का शिकार न हो इसके लिए मैं सदैव प्रयत्नशील रहता हूं। मुझे काशी की सेवा करने का अवसर जो बाबा विश्वनाथ ने मुझे प्रदान किया है मेरी कोशिश है कि मैं अपना बेस्ट बनारस के लिए करूं।
कांग्रेस का सुझाव
-शहर की बंदी दो चरणों में थानावार हो
- पार्किंग स्थल बनाया जाए
-वन वे नियम का कड़ाई से पालन हो
- प्रमुख मंदिरों के पास यातायात व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया जाए
अनिल श्रीवास्तव "अन्नु " के नेतृत्व में कमिश्नर से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में पूनम कुडू, डॉ जितेन्द्र सेठ, प्रमोद श्रीवास्तव, प्रभात वर्मा , शिखा मौर्या, रियाज अहमद "बबलू" आदि शामिल थे ।