शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए अब सरकार के पास केवल 6 दिन शेष बचे हैं। वहीं, शंकराचार्य के आंदोलन को कांग्रेस ने भी समर्थन दे दिया है....
वाराणसी: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि सरकार के पास गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने के लिए अब केवल 6 दिन बचे हैं। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो वह 'गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा' निकलेंगे और लखनऊ में 11 मार्च को सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। शंकराचार्य के इस यात्रा को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में शंकराचार्य के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी खड़े रहेंगे।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उनके मठ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य को होली की बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता शंकराचार्य के आंदोलन में उनके साथ खड़े रहेंगे। अजय राय ने कहा है कि शंकराचार्य को हम भगवान मानते हैं और जैसा हमारे भगवान का आदेश होगा हम वैसा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ हम ही नहीं जो लोग भी गाय को माता मानते हैं, वह सभी लोग शंकराचार्य के साथ खड़े हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमने सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था कि वह गाय को राज्य माता का दर्जा दे। अब केवल 6 दिन शेष बचे हैं।हम लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने देश भर के धर्माचार्यों से भी समर्थन मांगा है और हमें लोगों का समर्थन प्राप्त हो रहा है।
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शंकराचार्य के समर्थन में बयान देने पर उन्होंने कहा कि जिनके संस्कार जिस तरह के होते हैं, वह उसी तरह के बयान देते हैं। केशव मौर्य के संस्कार अच्छे हैं, इस वजह से उन्होंने गौ माता को माता कहा और हमारा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गाय को माता मानने वाले सभी लोग हमारे साथ खड़े हैं।
शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से गौ माता को लेकर कोई बयान नहीं आया है। उनकी पार्टी की तरफ से कई लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि हम लखनऊ जाएंगे और साधु संतों के सामने अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे। इसमें यह भी साफ हो जाएगा कि हमारे साथ कौन-कौन खड़ा है। शंकराचार्य ने कहा कि इस दौरान हमें रोका जाएगा तो हम कानून का पूरा साथ देंगे, लेकिन मुझे इस बात का विश्वास है कि मेरी यात्रा एक धर्म यात्रा है और इसमें कोई बाधा नहीं आएगी और ना ही हमें रोकने का प्रयास किया जाएगा।