
वाराणसी. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ९५ वी बटालियन के जवानों ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में सफाई अभियान चलाया तो बाबा का दरबार चमक उठा। जिन हाथों में हमेशा बंदूक रहती है उन हाथों में झाडू देख कर स्थानीय लोग भी सकते में आ गये। इस पर सीआरपीएफ के जवानों ने कहा कि जिस तरह से सजग व सतर्क रह कर देश की सीमाओं की रक्षा होती है उसी तरह सजग रह कर गंदगी दूर का स्वास्थ्य की सेवा की जा सकती है।
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सीआरपीएफ के जवानों ने सुबह ६ बजे से ही सफाई अभियान चला दिया था। अधिकारी से लेकर जवानों तक ने हाथ में झाडू लेकर छत्ता द्वार से ढुंढिराज व ढुंढिराज से लेकर सरस्वती फाटक तक की सफाई की। जवानों ने गली में बिखरी गंदगी को समेटा और उसे कूड़ेदान में डाला। जवानों ने उक्त क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों व दुकानदारों को भी सफाई के प्रति सजग किया। जवानों ने कहा कि यदि हम खुद अपने पास गंदगी नहीं होने देंगे तो सफाई करने की अधिक जरूरत नहीं होगी। सभी लोगों को समझना चाहिए कि गंदगी दूर करके ही हम स्वच्छ समाज की स्थापना कर सकते हैं। यह कार्य किसी एक व्यक्ति से नहीं हो सकता है। सामुहिक पहल के जरिए ही स्वच्छता लायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बाबा का दर्शन करने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं और यहां पर जितनी अच्छी सफाई व्यवस्था होगी, उसका उतना ही लाभ होगा। यहां से जाने वाले लोग सभी से कहेगे कि स्थानीय लोगों कितने जागरूक है कि हर जगह स्वच्छता ही दिखायी देती है। गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी भी सीआरपीएफ के कंधो पर ही है। इस अवसर पर सीआरपीएफ की ९५ वी बटालियन के द्वितीय कमांड अधिकारी हरि ओम सागर, अजय द्विवेदी, डिप्टी कमाडेंट आरपी सिंह,राजेश त्रिपाठी, राहुल कुमार, राजेन्द्र सिह आदि अधिकारी व जवान उपस्थित थे।
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