वाराणसी

जिला प्रशासन को बाढ़ आने से पहले आयी वरुणा कॉरीडोर की याद, 15 अगस्त तक दो हजार पौध रोपण करने की तैयारी

पाथ-वे के किनारे हेरिटेज लाइट लगाने का निर्देश, जिलाधिकारी ने किया कॉरीडोर का निरीक्षण
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Updated: 25 Jul 2018, 8:05 PM IST
District Magistrate Surendra Singh
District Magistrate Surendra Singh

वाराणसी. बनारस में गंगा का जलस्तर बढ़ाव की और है और इसका असर वरुणा पर भी पडऩा तय है। वरुणा का जलस्तर बढऩे पर निर्माणाधीन वरूणा कॉरीडोर डूब भी सकता है। जिला प्रशासन को बाढ़ आने से पहले वरुणा कॉरीडोर की याद आ ही गयी। बुधवार को जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने निरीक्षण कर १५ अगस्त तक दो हजार पौध रोपण, पाथ-वे के किनारे हेरिटेज लाइट लगाने आदि का निर्देश दिया है।
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जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने 201 करोड़ की लागत से बन रहे वरुणा कॉरीडोर का बचा हुआ काम युद्धस्तर पर चलाने को कहा है। उन्होंने वरुणा में गिर रहे सभी नालों को बंद करने को कहा है। अधीनस्थों ने बताया कि कॉरीडोर में कुल 280 लाइट लगनी है, जिसमे से 20 लाइट लग गयी है। इस पर जिलाधिकारी ने बची हुई 260 लाइट को ईएसएसएल के माध्यम से हेरिटेज लाइट लगाने को कहा है। निर्माण में बाधा बन रहे विवादित स्थलों का मसला सुलझाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही प्रत्येक तीन दिन में विवादों को लेकर की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट देने को भी निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने चार हजार पौध रोपण करने की योजना को देखते हुए १५ अगस्त तक दो हजार पौध रोपण करने लेने का भी निर्देश दिया है। पौध रोपण में फाइकस बेंजामिना के पौधे लगाने को भी कहा है जो जल भराव की स्थिति में भी खराब नहीं होते हैं। इसके अतिरिक्त अर्जुन, बंबू आदि पौधे भी लगाने की बात कही। मोरवा से पानी छोड़े जाने की समीक्षा करते हुए वरुणा के जल में बह रही जलकुंभी को साफ करने को कहा है।
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अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर बरती जा रही लापरवाही
पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्टर वरुणा कॉरीडोर को लेकर जमकर लापरवाही बरती जा रही है। सपा सरकार में इस प्रोजेक्ट को शुरू किय गया था। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि जब तक सहायक नदी साफ नहीं होती है तब तक गंगा भी साफ नहीं हो पायेगी। पीएम नरेन्द्र मोदी संसदीय क्षेत्र होने के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में इस प्रोजेक्ट को लेकर जमकर लापरवाही बरती जा रही है। वरुणा के ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण करने वालों को बचाने के लिए नदी की धारा ही मोड दी गयी। अब सरकार को फिर से वरुणा कॉरीडोर की याद आयी है। लोकसभा चुनाव २०१९ में अखिलेश् यादव, मायावती व राहुल गांधी के संभावित गठबंधन को देखते हुए सरकार इस प्रोजेक्ट को पूरा कर नया रुप देना चाहती है।
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