बीएचयू प्रशासन ने की पुष्टि, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में थे मालिक्यूलर केमिस्ट्री के वैज्ञानिक।
वाराणसी. लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल गया। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में बायोलॉजी विभाग में कार्यरत डॉ राकेश भटनागर होंगे बीएचयू के नए कुलपति। वह इससे पहले कुमायूं विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं। शुक्रवार को राष्ट्रपति व विश्वविद्यालय के विजिटर राम नाथ कोविंद ने डॉ भटनागर के नाम की संस्तुति कर दी। इसके बाद देर रात विश्वविद्यालय को नए कुलपति की नियुक्ति का पत्र भी प्राप्त हो गया। पीआरओ डॉ राजेश सिंह ने इसकी पुष्टि की। बीएचयू को कुलपति मिल गया वह भी वैज्ञानिक। इसका संकेत सबसे पहले पत्रिका ने ही दिया था कि इस बार कोई न कोई वैज्ञानिक ही बीएचयू का कुलपति बनेगा।
बता दें कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति का पद प्रोटोकॉल के तहत 27 नवंबर से रिक्त चल रहा था। यह दीगर है कि इससे महीना भर पहले ही तत्कालीन कुलपति प्रो जीसी त्रिपाठी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फोर्स लीव पर भेज दिया था। वजह थी गत 21 सितंबर के बाद बिगड़ा परिसर का माहौल जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ भारत कला भवन के पास छेड़खानी हुई और उसकी शिकायत करने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उत्तेजित छात्राओं का गुस्सा फूटा और वे सिंह द्वार पर धरने पर बैठ गईं। दो दिन तक वे बस यही मांग करती रही कि कुलपति जो हमारे गार्जियन हैं वह धरना स्थल पर आएं और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दें लेकिन कुलपति धरना स्थल पर नहीं गए। उल्टे वह विश्वविद्यालय के ही कुछ लोगों के कहने पर बार-बार बयान बदलते रहे। इस बीच जब छात्राएं कुलपति से मिलने 23 सितंबर की रात वीसी आवास पहुंची तो उन पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। वीसी के विवादित बयानों के चलते एमएचआरडी को उन्हें फोर्स लीव पर भेजना पड़ा। तब से ही विश्वविद्यालय को एक स्थाई कुलपति का इंतजार था जो अब पूरा हो गया है।
यहां यह भी बता दें कि बीएचयू को और पहले कुलपति मिल गया होता अगर समय से विश्वविद्यालय प्रशासन कुलपति के लिए विज्ञापन जारी कर देता। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में विज्ञापन जारी होने में विलंब और उसके बाद सर्च कमेटी के गठन में विलंब। फिर दो सौ से ज्यादा आवेदकों की फेहरिश्त के चलते छटनी में विलंब हुआ। फिर केंद्र सरकार के गुजरात चुनाव में व्यस्त होने का भी प्रभाव पड़ा। लेकिन यहां यह भी बता दें कि कुछ दिनों पूर्व बनारस आए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने भी यह संकेत दिया था कि बहुत जल्द बीएचयू को कुलपति मिल जाएगा। इस बीच एक सूचना आई थी किबाबा अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बालू आंद्रे चोपड़े को बीएचयू का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में यह स्वीकार भी किया था। लेकिन कतिपय कारणों से उन्हें यह दायित्व नहीं मिल सका।
डॉ भटनागर के बारे में जानकारी
पीएचडी- बीयोकेमिस्ट्री, नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर
एमएससी केमिस्ट्री, कानपुर यूनिवर्सिटी
करियर
-1997- प्रोफेसर, स्कूल बॉयो टेक्नॉलजी, जेएनयू, नई दिल्ली
1989-1997- असोसिएट प्रोफेसर, स्पेशल सेंटर फॉर बायोटेक्नॉलजी
1987-89- सीनियर एनआरसी असोसिएट, फ्रेडिक, यूएसए
1986-1987- विजिटिंग असोसिएट, एनएचएलबीआई, एनआईएच, यूएसए
1985-86-विजिटिंग असोसिएट प्रोफेसर, लैब कान्टैक्ट, तिसु, सीएचयू, फ्रांस
1979-82- साइंटिस्ट, बायोकेमिस्ट्री एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेइबर्ग, जर्मनी
चेहते क्षेत्र
मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ऑफ इन्फेक्टेड डिजिज
रिकांबिन्टेन्ट वैक्सीन डेवलपमेंट
प्रोग्राम्ड सेल डेथ इन प्रोकार्याट्स
अनुभव
2013- 2015- डीन स्कूल ऑफ बायोकेमिस्ट्री
2012-13- वाइसचांसलर कुमायू यूनिवर्सिटी
2011-2012- निदेशक, एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, जेएनयू
2009-2011- निदेशक एडवांस इंस्ट्रूमेंटेशन रिसर्च फेकैलिटी, जेएनयू