ओसीवी जलने के बाद अधिकारियों ने सूचना के बाद भी नहीं लिया संज्ञान
धानापुर. जिले का धानापुर विद्युत उपकेंद्र की ओसीवी एक बार फिर धू-धू कर जल गई। जिससे हिंगुतर एवं बीरासराय फीडर से जुड़े दर्जनों गांवो की बत्ती गुल हो गई। ग्रामीणों के हो हल्ला मचाने पर दो दिन बाद भी विभाग ने कोई मिस्त्री नहीं भेजा तो शुक्रवार को खुद कर्मचारी ही उसे ठीक करने में जुट गए हैं।
कस्बा स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र के कायाकल्प करने को लेकर दावे तो बहुत किये गए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी समूचा उपकेंद्र जीर्ण-शीर्ण हालत में है। आलम यह है कि कोई ऐसा महीना नहीं गुजरता कि जिसमें कभी ओसीबी, तो कभी इनकमिंग न जल रही है।
ऐसे हालात में जर्जर हो चुके विद्युत उपकेंद्र के सहारे 65 गांवो की बिजली आपूर्ति कैसे की जाए, यह सोचकर कर्मचारी भी परेशान रहते हैं। प्रत्येक माह ओसीबी के जल के उपरांत उसे ठीक तो कर दिया जाता है, लेकिन इसकी वजह अब तक नहीं तलाश सका है।
इसबार गुरुवार की अल सुबह ओसीवी में तेज आवाज हुई और देखते देखते धू धू कर जलने लगी। संयोग अच्छा रहा कि इसी बीच आपूर्ति भी कट गई जिस वजह से बड़ा हादसा टल गया। कर्मचारियों का कहना है कि सूचना के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। उनका कहना है कि मजबूर होकर शुक्रवार को वह खुद ही इसे ठीक करने में जुट गए। उधर ग्रामीणों ने समस्या के शीघ्र निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में पूछे जाने पर जेई राधेश्याम चौहान का कहना है कि स्टोर से जरूरत के समान ही नहीं मिल पा रहे हैं। यही वजह है कि मशीनों का ठीक ढंग से रख रखाव नहीं हो पा रहा है।
By- संतोष जायसवाल