Ganga River iftar party : गंगा नदी में इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में अखिलेश यादव ने भी टिप्पणी की है और अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी इस मामले पर बयान दिया है।
वाराणसी : गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी को लेकर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में लोग गंगा नदी में इफ्तार पार्टी के दौरान नानवेज खाते दिखाई दे रहे थे। वायरल वीडियो पर वाराणसी प्रशासन ने संज्ञान लिया। इस मामले में FIR दर्ज हुई और 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब इस मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद ने बयान दिया है।
अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि गंगा अब सिर्फ माई नहीं रही। सरकार ने उन्हें कमाई का साधन बना दिया है। गंगा नदी में बड़े-बड़े क्रूज चल रहे हैं। उनमें आलीशान कमरे बने हैं कोई कुछ भी कर रहा है। पहले की नाव खुला होती थीं। किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होती थी। न ही नाविक किसी भी प्रकार का दुराचार करने देते थे। लेकिन, जब अब सरकार ही गंगा जी को कमाई का साधन बना रही है तो नाविक क्यों न करें। कोई कुछ भी करे नाविक को तो अपने पैसे से मतलब है।
अखिलेश यादव से जब गंगा नदी में इफ्तार पार्टी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, उन्हें डीएम-एसपी और एसओ साहब को भी कुछ अच्छा खाना खिलाने चाहिए था। आपको पता नहीं है क्या…हथेली गरम पुलिस नरम। उन्होंने पुलिस की हथेली गरम ही नहीं की होगी। उनको चाहिए था कि पुलिस की हथेली पर ईदी रख देते। मामला आगे बढ़ता ही नहीं। अखिलेश यादव ने आगे कहा अच्छा आप ही बताइए नाव में क्यों नहीं मना सकते? उसमें करने में क्या दिक्कत है। हमारी मर्जी हम चाहे जहां करें। छत पर बैठे बाहर बैठें। या नाव पर मनाएं।ये सब बहाने हैं…हमारे आपके बीच में दूरियां पैदा करने के लिए।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, 'अखिलेश यादव को सिर्फ अपने वोटबैंक के लिए यही करना है। किस कुरान में यह लिखा है कि किसी को गंगा नदी पर जाकर, नाव में बैठकर रोजा खोलना चाहिए? वे (अखिलेश) सिर्फ अपने वोट के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। अखिलेश का बयान सिर्फ राजनीति से प्रेरित है।'
राजभर ने कहा, 'यह पहली बार देखने और सुनने को मिल रहा है कि लोग गंगा नदी में नाव पर रोजा खोल रहे हैं और बिरयानी काट रहे हैं। यह बिल्कुल गलत है। सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है।'