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‘ईट राइट’ का हिस्सा बनेंगे काशी के मंदिर और एयरपोर्ट, FSSAI देगा सर्टिफिकेट, जानें क्या होगा फायदा

Varanasi Latest News: लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी एयरपोर्ट) मार्कण्डेय महादेव मंदिर, महावीर, मंदिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित ट्रॉमा सेंटर समेत कई संस्थाओं को 'ईट राइट' प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

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Eat right

प्रतिकात्मक तस्वीर, Pc-Patrika

Eat Right Campaign in Varanasi : स्वस्थ जीवन की नीव स्वच्छ और पौष्टिक आहार पर टिकी होती है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) वाराणसी में 'ईट राइट' अभियान का दायरा बढ़ा रहा है। करीब 2 साल पहले वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन को 'ईट राइट स्टेशन' का सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था, जिसके बाद अब धीरे-धीरे धार्मिक और महत्वपूर्ण संस्थान इसका हिस्सा बनने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि काशी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।

अंतिम दौर में है सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा के मुताबिक, लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी एयरपोर्ट) मार्कण्डेय महादेव मंदिर, महावीर, मंदिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित ट्रॉमा सेंटर समेत कई संस्थाओं को 'ईट राइट' प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। यही नहीं, वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित पांच नए विद्यालयों में भी 'ईट राइट स्कूल' कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही उन्हें आधिकारिक रूप से प्रमाण पत्र सौंप दिए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले काशी के 10 विद्यालयों को यह प्रमाण पत्र मिल चुका है।

29 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है सर्टिफिकेट

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि 'ईट राइट' योजना के अंतर्गत जिले के अब तक 29 प्रतिष्ठानों को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसी साल ट्रॉमा सेंटर, अक्षय पात्र, तरुण चाइल्ड संस्थान, काशी के दो अस्पतालों, एयरपोर्ट और सेंट्रल जेल को भी इस अभियान से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि काशी धर्म नगरी कहीं जाती है और यहां प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन पूजन करने पहुंचते हैं, ऐसे में धार्मिक स्थलों पर भी इस अभियान को बढ़ाया जाएगा।

शहर के मार्कण्डेय महादेव मंदिर, महावीर मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भगवान को लगने वाले भोग की प्रमाणन की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मंदिर, कीनाराम मठ, संकट मोचन मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का सफलतापूर्वक प्रमाण हो चुका है। विशेषज्ञों की माने तो आधुनिक जीवन शैली में खानपान एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और शुद्ध और पौष्टिक भोजन कर पाना एक चुनौती बन चुका है। ऐसे में ईट राइट अभियान कहीं ना कहीं लोगों को सुरक्षित भोजन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

क्या है अभियान

बता दें कि 'ईट राइट' कैंपेन के तहत होटल, रेस्टोरेंट, स्ट्रीट फूड की नियमित जांच की जाती है। उसके साथ ही जिला खाद्य विभाग कारोबारियों को प्रशिक्षण देकर स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार करने के लिए जागरूक करता है। वहीं, 'ईट राइट स्कूल' कार्यक्रम के तहत बच्चों को खाद्य सुरक्षा, पोषण और स्वच्छता की जानकारी दी जाती है, जिससे वह स्वयं के साथ-साथ समाज में भी स्वस्थ खान-पान की संस्कृति को आगे बढ़ा सकें।

ईट राइट का प्रमाण पत्र भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण जारी करता है। ईट राइट कैंपस के प्रमाण पत्र के लिए सबसे पहले संस्था की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके साथ ही सभी संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। एफएसएसएआई विभाग द्वारा इसका ऑडिट किया जाता है, जिसके बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसी तरह ईट राइट स्कूल के लिए भी रजिस्ट्रेशन, स्कूल में हेल्थ और वैलनेस की गतिविधियां और मूल्यांकन के बाद सर्टिफिकेट जारी होता है। वहीं ईट राइट स्टेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जाता है, जिसके बाद रेलवे कैटरर्स को ट्रेनिंग दी जाती है और एफएसएसएआई की पैनल में शामिल ऑडिटिंग एजेंसी स्टेशन का निरीक्षण करती हैं। इस प्रक्रिया के बाद प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।